अमूमन लोग सावन के सोमवार के ही व्रत रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई श्रद्धालु सिर्फ सावन सोमवार ही नहीं, बल्कि पूरे सावन महीने के व्रत रखते हैं। कहते हैं जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से सावन के 30 दिनों तक विधि-विधान व्रत रहता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस साल सावन व्रत की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है और इसका समापन 28 अगस्त को होगा। अगर आप भी उनमें से एक हैं जो पूरे सावन व्रत रहते हैं तो हमारा ये आर्टिकल आपके बेहद काम आने वाला है।
सावन के पूरे महीने व्रत रखने की विधि
- सावन के व्रत रखने की विधि बेहद ही सरल है। अगर आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं और आपको व्रत रखने में कोई दिक्कत नहीं होती है। तो आप पूरे सावन फलाहारी व्रत रहें। फलाहारी व्रत वह उपवास है जिसमें अनाज और नमक का त्याग करके केवल फल, दूध और सात्विक चीजें ही खाई जाती हैं। इस व्रत में आप सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं।
- अगर फलाहारी व्रत रख पाना संभव न हो तो आप शाम में सूर्यास्त के बाद एक समय भोजन करके भी ये व्रत रह सकते हैं। इस तरह के व्रत में आप दिन में फलाहारी चीजों जैसे फल, दूध, आलू इत्यादि का सेवन कर सकते हैं। फिर शाम में पूजा के बाद एक समय बिना लहसुन-प्याज का भोजन कर सकते हैं।
फलाहारी व्रत में क्या-क्या खा सकते हैं?
फलाहारी व्रत में सभी तरह के फल, ड्राई फ्रूट्स, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कूटू का आटा, मखाना, लौकी, टमाटर, जीरा, सेंधा नमक, चाय, कॉफी, चीनी इत्यादि चीजों का सेवन कर सकते हैं।
सावन व्रत पूजा विधि
- अगर पूरे सावन व्रत रह रहे हैं तो हर दिन सुबह-शाम भगवान शिव की आरती जरूर करें।
- सुबह या शाम किसी भी एक समय शिवलिंग का जलाभिषेक भी जरूर करें।
- शिव पूजन के समय शिव जी के मंत्रों और चालीसा का पाठ करें।
- भगवान को दोनों समय फल या मिठाई का भोग लगाएं।
- सावन के हर दिन शिवलिंग पर बेलपत्र जरूर अर्पित करें। साथ में चाहें तो धतूरा, भांग और शमी के पत्ते भी चढ़ा सकते हैं। लेकिन सभी में बेलपत्र सबसे जरूरी है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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