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शनि की साढ़े साती में कौन सा रत्न देगा फायदा? हर बार नीलम नहीं होता सही, रत्न चुनने से पहले जान लें ये नियम

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jul 01, 2026 05:08 pm IST,  Updated : Jul 01, 2026 05:08 pm IST

साढ़े साती के दौरान हर किसी के लिए नीलम शुभ हो, यह जरूरी नहीं है। ज्योतिष में रत्न का चुनाव कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर होता है, जो सभी के लिए अलग होता है। साढ़े साती में कौन सा रत्न लाभ देगा? कब नीलम के अलावा दूसरे रत्न बेहतर विकल्प होते हैं? जानिए

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साढ़े साती में कौन सा रत्न पहनें Image Source : PINTEREST

शनि की साढ़े साती का नाम सुनते ही लोग चिंता में पड़ जाते हैं और इससे बचने के लिए कई उपाय अपनाते हैं। इन्हीं में रत्न धारण करना भी शामिल है और लोग बिना सोचे शनि के रत्न को पहन लेते हैं। ज्योतिष कहता है बिना कुंडली दिखाए कोई भी रत्न पहन लेना और हर बार सिर्फ नीलम पर भरोसा कर लेना भी सही नहीं होता। जानिए साढ़े साती में कौन सा रत्न फायदा देता है और किस आधार पर रत्न का चयन होता है। 

साढ़े साती में जरूरी है सही सलाह

साढ़े साती व्यक्ति के जीवन का बेहद चुनौतीपूर्ण समय होता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह केवल कठिनाइयों का दौर नहीं, बल्कि व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल मिलने का समय भी होता है। ऐसे में कोई  भी उपाय अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर रत्न पहनने का फैसला बिना कुंडली देखे न करें।

क्या हर किसी को पहनना चाहिए नीलम?

शनि का मुख्य रत्न नीलम है, इसलिए कई लोग साढ़े साती शुरू होते ही इसे पहन लेते हैं। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। अगर आपकी जन्म कुंडली में शनि अशुभ या कमजोर स्थिति में हो, तो नीलम पहनने से मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान या रिश्तों में परेशानी बढ़ने की भी आशंका रहती है।

नीलम कब देता है शुभ फल?

जब जन्म कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में हो और शुभ भाव का स्वामी हो, तब नीलम पहनने की सलाह दी जाती है। ऐसी स्थिति में यह रत्न करियर में प्रगति, आर्थिक मजबूती और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक बताया जाता है। हालांकि, केवल साढ़े साती ही नीलम पहनने का आधार नहीं होता, ग्रहों की दशा, महादशा और गोचर का भी विश्लेषण किया जाता है।

दूसरे रत्न भी हो सकते हैं लाभकारी

हर व्यक्ति के लिए नीलम उपयुक्त नहीं होता। कई मामलों में ज्योतिषी कुंडली के अनुसार पन्ना, पुखराज या ओपल जैसे रत्न धारण करने की सलाह देते हैं। इनका उद्देश्य शनि को बल देना नहीं, बल्कि उन ग्रहों को मजबूत करना होता है जो व्यक्ति के लिए शुभ परिणाम देने वाले होते हैं।

कुंडली के अनुसार करें चुनाव

विशेषज्ञों की माने तो एक ही परिवार के 2 या ज्यादा लोगों पर साढ़े साती का प्रभाव होने के बावजूद उनके लिए अलग-अलग रत्न फायदेमंद हो सकते हैं। इसलिए केवल दूसरों को देखकर या सामान्य जानकारी के आधार पर कोई रत्न धारण करने के बजाय कुंडली दिखाकर ही रत्न पहनने का फैसला करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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