Shani Trayodashi 2026: यदि आपकी कुंडली में शनि दोष है या आप शनि साढ़े साती और ढैय्या से परेशान हैं, तो आपके लिए 27 जून 2026 का दिन खास साबित होगा। बता दें इस दिन शनि त्रयोदशी का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष अनुसार ये तिथि शनि से जुड़े दोषों को शांत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। बता दें इस समय कुंभ, मीन और मेष वालों पर शनि साढ़े साती चल रही है तो वहीं धनु और सिंह वालों पर शनि ढैय्या का साया है। ऐसे में इन 5 राशियों को शनि के प्रकोप से बचने के लिए शनि त्रयोदशी पर ये 5 महाउपाय जरूर ही आजमाने चाहिए।
शनि दोष से राहत पाने के महाउपाय
- शनि देव का अभिषेक - शनि त्रयोदशी के दिन शाम को शनि मंदिर जाएं और वहां जाकर शनि देव की मूर्ति पर सरसों का तेल चढ़ाएं। ध्यान रहे कि तेल चढ़ाते समय आपको शनि देव के चरणों में देखना है उनकी आंखों में नहीं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार शनि देव की आंखों में देखना अशुभ माना जाता है।
- पीपल के पेड़ पर जलाएं दीपक - शनि त्रयोदशी की शाम में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। दीपक जलाने के बाद पीपल की 7 या 11 बार परिक्रमा भी करें। साथ ही ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें।
- हनुमान जी की पूजा - शनि त्रयोदशी के दिन भगवान हनुमान की उपासना करना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं इस दिन जो भक्त हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का सच्चे मन से पाठ करता है उस पर शनि की विशेष कृपा बरसती है।
- दान का महत्व - इस दिन दान का विशेष महत्व माना गया है। अगर आप शनि दोषों से राहत पाना चाहते हैं तो शनि त्रयोदशी के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, काली उड़द दाल, लोहे के बर्तन, काले कपड़े या काले छाते का दान अवश्य करें।
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप - अगर आपकी कुंडली में भयंकर शनि दोष है तो इस दिन भगवान शिव को समर्पित महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। जाप से पहले शिवलिंग पर जल और काले तिल अवश्य चढ़ाएं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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