Vikat Sankashti Chaturthi Upay: कई बार मेहनत के बावजूद सफलता हाथ नहीं लगती और काम बार-बार अटकने लगते हैं। लोग इसे अक्सर तकदीर का लिखा मान लेते हैं। ज्योतिष के अनुसार इसके पीछे ग्रहों की स्थिति भी जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में 5 अप्रैल 2026 को पड़ने वाली विकट संकष्टी चतुर्थी का दिन बेहद खास माना जा रहा है। यहां जानिए इस शुभ पर दिन किए जाने वाले उन असरदार उपायों के बारे में, जो सफलता के रास्ते खोल सकते हैं।
गणेश जी और ग्रहों का संबंध
ज्योतिष में गणेश को बुद्धि और विवेक का देवता माना गया है। खासतौर पर बुध ग्रह से इनका गहरा संबंध बताया गया है। अगर कुंडली में बुध कमजोर हो, तो व्यक्ति को निर्णय लेने में परेशानी, व्यापार में नुकसान और बोलचाल में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस दिन गणेश पूजा करने से बुध मजबूत होता है और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है। केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में भी यह उपाय मददगार माना है।
बाधाओं से राहत के संकेत
कई बार कुंडली में बने दोष या बाधक योग काम में रुकावट पैदा करते हैं। शनि का प्रभाव भी ऐसे समय में धैर्य और अनुशासन सिखाता है। विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजा इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सहायक माना गया है। इससे मन की उलझनें दूर होती हैं और राहु जैसे ग्रहों के कारण आने वाली परेशानियां भी धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
मानसिक तनाव से राहत
चंद्रमा को मन का कारक माना गया है और संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा को अर्घ्य देना विशेष महत्व रखता है। इससे मन स्थिर होता है। जब मन शांत होता है, तो व्यक्ति सही निर्णय ले पाता है। इससे करियर और जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।
उपाय से बदल सकती है स्थिति
ज्योतिष मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा, व्रत और ध्यान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इससे न सिर्फ करियर की रुकावटें दूर होती हैं, बल्कि धन और सुख-समृद्धि के रास्ते भी खुलते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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