कराची: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही संकेत दिये हैं कि वह भारत के यूएई में द्विपक्षीय श्रृंखला खेलने पर सहमत नहीं होने के मसले को आईसीसी के सामने उठा सकता है लेकिन आईसीसी अध्यक्ष जहीर अब्बास ने साफ किया कि विश्व संस्था भारत-पाक क्रिकेट रिश्तों की बहाली के लिये हस्तक्षेप नहीं कर सकती क्योंकि यह द्विपक्षीय मसला है।
जहीर ने लाहौर में पत्रकारों से कहा, यह दो बोर्डों के बीच द्विपक्षीय मामला है और इसलिए आईसीसी केवल उनसे बात कर सकती है लेकिन उन पर एक दूसरे के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला में खेलने के लिये दबाव नहीं बना सकती।
पिछले सप्ताह बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा था कि जब तक दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक मसले नहीं सुलझाये जाते तब तक क्रिकेट रिश्ते बहाल नहीं हो सकते हैं।
पीसीबी अध्यक्ष शहरयार खान ने भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान और भारत के बीच दिसंबर में द्विपक्षीय श्रृंखला की संभावना बहुत कम है।
एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि शहरयार दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच बातचीत रद्द हो जाने से काफी निराश हैं।
अधिकारी ने कहा, वह इसके बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव अनुराग ठाकुर के पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने को लेकर दिये गये बयान से भी निराश थे।
उन्होंने बताया कि शहरयार ने दिसंबर में संयुक्त अरब अमीरात में श्रृंखला के आयोजन के संबंध में बीसीसीआई और सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिये भारत दौरा करने की अपनी योजना भी रद्द कर दी है।
अधिकारी ने कहा, वह भारत नहीं जा रहे हैं लेकिन पीसीबी इस सप्ताह बीसीसीआई को एक कड़ा पत्र लिखकर उनसे दोनों बोर्ड के बीच हुए करार का सम्मान करने और श्रृंखला को लेकर स्पष्ट जवाब देने के लिये कहेगा।
सूत्रों ने कहा कि यदि भारत पीसीबी के साथ हुए करार का सम्मान नहीं करता है तो वह इस मसले को आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में उठाएगा क्योंकि दिसंबर की श्रृंखला उसकी घरेलू श्रृंखला है।
उन्होंने कहा, जब भी हमारी घरेलू श्रृंखला होती है तो 2007 से हमें ऐसा लग रहा है भारत हमसे नहीं खेलना चाहता है जिससे हमें बड़ा नुकसान होता है। हम यहां तक कि बिना पैसे लिये सदभावना के तहत 2012 . 13 में भारत दौरे पर गये। लेकिन अब यह केवल क्रिकेट ही नहीं बल्कि वित्तीय मसला भी बन गया है।