हैदराबाद: रिधिमान साहा ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों के चोटिल होने पर उन्हें अंतिम एकादश में वापसी का मौका देने की भारतीय टीम प्रबंधन की नीति की सराहना करते हुए कहा है कि इस सकारात्मक नीति से प्रदर्शन पर अच्छा असर पड़ा है ।
रिधिमान जांघ की चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला से बाहर थे । उनकी जगह टीम में शामिल किये गए पार्थिव पटेल ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन टीम प्रबंधन का रूख हमेशा से स्पष्ट था कि साहा उनकी पहली पसंद है और फिट होने पर वह टीम में लौटेंगे ।
बांग्लादेश के खिलाफ यहां चल रहे टेस्ट में शतक जमाने वाले रिधिमान ने कहा, खिलाडि़यों के लिये यह काफी सकारात्मक है क्योंकि चोट के बाद जब कोई खिलाड़ी वापसी करता है तो उसे यह पता रहना अच्छा है कि फिट होने पर वह टीम में वापसी करेगा ।
भारत के नंबर एक विकेटकीपर होने के बावजूद रिधिमान ने पार्थिव की तारीफ करते हुए कहा कि चयनकर्ताओं के फैसले को स्वीकार करना चाहिये।
उन्होंने कहा , जब मैं घायल था तो पार्थिव टीम में आया । उसे जब भी मौका मिला, उसने अच्छा प्रदर्शन किया । लेकिन ईरानी कप में मेरे दोहरे शतक के बाद चयनकर्ताओं ने फैसला लिया जिसे सबको स्वीकार करना चाहिये ।
न्यूजीलैंड के खिलाफ कोलकाता में दो अर्धशतक को उन्होंने अपने दोनों टेस्ट शतकों से बेहतर पारी बताया ।
रिधिमान ने कहा , मैं न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों अर्धशतकों को तरजीह दूंगा क्योंकि उस समय टीम को मेरे योगदान की जरूरत थी । हमें 300 से अधिक का लक्ष्य देने की जरूरत थी और उसे ध्यान में रखकर ये दोनों पारियां अहम थी ।
रिधिमान को चार के स्कोर पर जीवनदान मिला जिसे उसने खुशकिस्मती करार दिया ।
उन्होंने कहा , मैं इसे खुशकिस्मती कहूंगा क्योंकि उसने कोशिश की लेकिन गेंद स्टम्प पर नहीं लगी । दूसरी बार जब वह सफल रहा तो मैं क्रीज के भीतर था । मुझे आज शतक बनाना ही था और यही वजह है कि वह स्टम्पिंग नहीं कर सका ।