नई दिल्ली: बतौर कप्तान विराट कोहली बुधवार को बांग्लादेश के ख़िलाफ़ शुरू हो रहे एकमात्र क्रिकेट टेस्ट में पूरी तरह भारतीय क्रिकेट टीम की कमान संभालेंगे और सही मायने में ये उनके आक्रामक तेवर की परीक्षा होगी।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच में महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद कोहली को कप्तान बनाया गया था। धोनी के बगैर बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच से नये दौर की शुरुआत होगी।
भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक सौरव गांगुली ने भी 15 साल पहले बांग्लादेश के खिलाफ ही एक टेस्ट से पूर्णकालिक कप्तानी का आगाज किया था। वह मैच ढाका के बंगबंधु स्टेडियम में खेला गया था। फर्क सिर्फ इतना है कि कोहली का यह बतौर कप्तान तीसरा टेस्ट होगा जबकि गांगुली ने उस मैच के जरिए कप्तानी की शुरुआत की थी।
हाल ही में बांग्लादेश ने अपने घर में पाकिस्तान को वनडे में 3-0 से शिकस्त दी थी । टेस्ट सिरीज़ बांग्लादेश हालंकि 1-0 से हार गया था और एक टोस्ट ड्रा करवा लिया था। उसने टक्कर अच्छी ख़ासी दी थी। ऐसे में यहां विराट की कप्तानी की कड़ी परीक्षा होगी। विराट को तय करना होगा कि वह छह बल्लेबाजों और चार गेंदबाजों और एक विशेषज्ञ विकेटकीपर के साथ खेलते हैं या फिर एक अतिरिक्त गेंदबाज को रखते हैं।
यूं अगर रिकार् पर नज़र डालें तो मुकाबला बेमेल लगता है क्यूंकि भारत ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सात में से छह टेस्ट जीते हैं जबकि चटगांव में 2007 में एक टेस्ट बारिश के कारण ड्रॉ हो गया था। लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए हाल ही में बांग्लादेश ने अच्छा प्रदर्शन किया है और विश्व कप में भी वह अंतिम आठ में पहुंचा था।
भारत के खिलाफ मुकाबला और भी दिलचस्प होगा क्योंकि बांग्लादेशी क्रिकेटप्रेमी विश्व कप क्वॉर्टर फाइनल में विवादित 'नो बॉल' को भूले नहीं है और उनका मानना है कि उसी की वजह से वे आगे नहीं बढ़ सके।
भारतीय टीम में विशवस्तरीय बल्लेबाज़ों की कमी नही है और ऐसे में तेज़ गेंदबाज़ रुबेल हुसैन की अगुवाई वाले बांग्लादेशी गेंदबाज़ों के लिये चुनौती आसान नहीं होगी।
कोहली ने खुद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में चार शतक समेत 692 रन बनाए थे। केएल राहुल के नहीं खेलने से शिखर धवन को फायदा होगा जो अंतिम 11 में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें सिडनी टेस्ट से बाहर रहना पड़ा था। विश्व कप और आईपीएल में हालांकि उन्होंने उम्दा प्रदर्शन किया। सिडनी में शतक जमाने वाले राहुल डेंगू से उबर रहे हैं जिससे धवन को टीम में जगह पक्की करने का मौक़ा मिला है।
विरोधी टीम के पास ना तो जेम्स ऐंडरसन या स्टुअर्ट ब्रॉड जैसा स्विंग गेंदबाज है और ना ही मिशेल जॉनसन या मिशेल स्टार्क जैसा फ़र्राटेदार गेंदबाज़ लिहाज़ा धवन के लिए फॉर्म में लौटना आसान होगा। इसी तरह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले सेशन में शानदार प्रदर्शन करने वाले मुरली विजय भी अपना फ़ार्म जारी रखना चाहेंगे।
वहीं, पिछले एक साल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले टेस्ट बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे अपना टेस्ट औसत बेहतर करने के प्रयास में होंगे। भारत यदि छह बल्लेबाजों के साथ उतरता है तो चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा दोनों खेल सकते हैं लेकिन आक्रामक कोहली चार गेंदबाजों को उतारने की धोनी की रणनीति ही अपनाए, यह जरूरी नहीं।
ऋधिमान साहा के लिए यह टेस्ट विकेटकीपर की जगह अपने लिए सुरक्षित करने का सुनहरा मौका है । पिछले पांच साल से धोनी के टीम में होने से उन्हें मौका नहीं मिला था। गेंदबाजी में सभी की नजरें हरभजन सिंह पर होगी जो दो साल बाद टीम में लौटे हैं। आर अश्विन के साथ मिलकर वह फिरकी का जादू बिखेरने की तैयारी में होंगे। तेज गेंदबाजी की कमान ईशांत शर्मा संभालेंगे जिनका साथ देने के लिये भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव और वरुण एरॉन होंगे।
बांग्लादेश के लिए रुबेल हुसैन की वापसी अच्छी खबर है लेकिन शहादत हुसैन घुटने के ऑपरेशन के कारण नहीं खेल सकेंगे। रन बनाने का जिम्मा तमीम इक़बाल, मुशफिक़ुर रहीम और शाकिब अल हसन पर होगा।
टीमें:
भारतः विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा, ऋधिमान साहा, हरभजन सिंह, आर अश्विन, वरुण आरोन, उमेश यादव, ईशांत शर्मा, कर्ण शर्मा, भुवनेश्वर कुमार।
बांग्लादेशः मुशफिक़ुर रहीम (कप्तान), तामिम इक़बाल, अबुल हसन, इमरुल कायेस, ज़ुबैर हुसैन, लिट्टन दास, मोहम्मद शाहिद, मोमिनुल हक़, नासिर हुसैन, रुबेल हुसैन, शाकिब अल हसन, स्वागत होम, सौम्य सरकार, तैज़ुल इस्लाम, महमूदुल्लाह।