भारत और इंग्लैंड चौथे टेस्ट मैच में आमने-सामने हैं। 3 दिन के खेल के बाद मेजबान इंग्लैंड का पलड़ा भारी है। भारतीय टीम के गेंदबाज लगातार संघर्ष कर रहे हैं। यही वजह है कि इंग्लैंड ने भारतीय टीम पर 186 रनों की बढ़त बना ली है। पहली पारी में भारत को 358 रनों पर समेटने वाली इंग्लैंड ने 7 विकेट खोकर 544 रन स्कोरबोर्ड पर लगा दिए हैं। इस बीच जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।
दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट के तीसरे दिन जसप्रीत बुमराह के मैदान छोड़ने के बाद भारतीय टीम प्रबंधन और फैंस की चिंता बढ़ गई थी। लेकिन गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने स्पष्ट किया है कि बुमराह की चोट गंभीर नहीं है और वह जल्द ही लय में लौटेंगे। साथ ही उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजों से और अधिक एनर्जी और पेस की उम्मीद जताई है, खासकर फ्लैट पिच पर जहां मौके बनाना आसान नहीं होता।
बुमराह की फिटनेस पर खड़े हुए सवाल
तीसरे दिन के दूसरे सेशन में बुमराह अचानक मैदान से बाहर चले गए थे और चाय के ब्रेक से ठीक पहले ही वापसी की। हालांकि उन्होंने आखिरी सेशन में गेंदबाजी की और जेमी स्मिथ का विकेट भी लिया, लेकिन इस दौरान वह अपने बाएं टखने को लेकर असहज नजर आए। उन्होंने 28 ओवर में 95 रन देकर 1 विकेट झटका।
मोहम्मद सिराज की हालत भी कुछ हद तक बुमराह जैसी ही दिखी। वह भी गेंदबाजी के दौरान कुछ तकलीफ से जूझते नजर आए, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और पूरे जोश के साथ गेंदबाजी जारी रखी। दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्ने मोर्कल ने बताया कि बुमराह सीढ़ियों से उतरते वक्त टखना मोड़ बैठे थे, जबकि सिराज को फॉलो-थ्रू में एक फुटहोल के कारण चोट लगी। उन्होंने कहा कि हां, दुर्भाग्य से जब हमने दूसरी नई गेंद ली, तब बुमराह सीढ़ियों से उतरते हुए टखना मोड़ बैठे और सिराज ने भी एक फुटहोल में पैर फंसा लिया। लेकिन फिलहाल दोनों ठीक लग रहे हैं।
पेस में गिरावट ने बढ़ाई टेंशन
तीसरे दिन एक और चिंताजनक बात यह रही कि भारतीय तेज गेंदबाज सामान्य से धीमी गति से गेंदबाजी करते नजर आए। जहां बुमराह आमतौर पर 140 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं, वहीं उनकी गति कई बार 120-130 के बीच रही। डेब्यूटेंट अंशुल कम्बोज भी 120 के आसपास की स्पीड से गेंदबाजी कर रहे थे, जिससे तेज गेंदबाजों की फिटनेस पर सवाल उठने लगे।
सपाट पिच पर चाहिए एक्स्ट्रा एनर्जी
मोर्कल ने स्वीकार किया कि गेंदबाजों की स्पीड में गिरावट टीम के लिए एक मुद्दा है और टीम मैनेजमेंट इसे समझने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सपाट पिचों पर जहां गेंद ज्यादा मूव नहीं करती, वहां गेंदबाजी में अतिरिक्त एनर्जी जरूरी हो जाती है। तभी पीछे कैच और एलबीडब्ल्यू जैसे मौके बनते हैं। यह हमारी गेंदबाजी की एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने आगे कहा कि सिराज जैसे गेंदबाजों का वर्कलोड बहुत ज्यादा रहा है और अंशुल के लिए यह उनका पहला टेस्ट है, इसलिए जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अंशुल का पहला टेस्ट है और हम एक अच्छा फास्ट बॉलिंग यूनिट बनाना चाहते हैं।