साउथ ईस्ट एशिया (SEA) गेम्स 2025 के महिला T20 फाइनल में छठा गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही थाईलैंड महिला क्रिकेट टीम ने अपनी दो अहम खिलाड़ियों नट्टया बूचाथम और रोसेननी कानोह को भावुक विदाई दी। यह मुकाबला न सिर्फ थाईलैंड की ऐतिहासिक जीत का गवाह बना, बल्कि महिला क्रिकेट में एक युग के अंत का भी संकेत था। 39 साल की नट्टया बूचाथम ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि SEA गेम्स का फाइनल उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच होगा। पिछले एक दशक से ज्यादा समय तक थाईलैंड टीम की रीढ़ रही बूचाथम एक भरोसेमंद टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज और प्रभावशाली स्पिनर के रूप में जानी जाती हैं।
शानदार रहा करियर
नट्टया बूचाथम ने अपने शानदार करियर में उन्होंने 116 T20 इंटरनेशनल मैचों में 1035 रन बनाए और 126 विकेट झटके। इसके अलावा 13 ODI मैचों में उनके नाम 165 रन और 12 विकेट दर्ज हैं। उनकी निरंतरता और ऑलराउंड प्रदर्शन ने उन्हें थाईलैंड की सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में शामिल किया। नट्टया बूचाथम ICC और ACC टूर्नामेंट्स में पिछले दस वर्षों के दौरान थाईलैंड की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहीं। उन्होंने 2020 महिला T20 वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व किया और हाल ही में ICC महिला इमर्जिंग ट्रॉफी 2025 जीतने वाली टीम का भी अहम हिस्सा रहीं।
26 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
वहीं, ऑलराउंडर रोसेनन कानोह ने भी SEA गेम्स फाइनल के साथ अपने इंटरनेशनल करियर को अलविदा कह दिया। 26 साल की कानोह ने फाइनल के दबाव भरे हालात में शानदार प्रदर्शन किया। जब थाईलैंड की टीम 59 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19/3 के स्कोर पर संकट में थी, तब कानोह क्रीज पर आईं।
कानोह ने संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को फाइनल में जीत तक पहुंचाया। कानोह ने एक शानदार छक्के के साथ स्कोर बराबर किया और फिर विजयी रन बनाकर थाईलैंड को गोल्ड मेडल दिलाया। इस शानदार पारी के साथ उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर का यादगार अंत किया। उन्होंने थाईलैंड के लिए 6 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला। अगस्त 2019 में डेब्यू करने वाली कानोह ने 49 T20I मैचों में 219 रन बनाने के अलावा 3 विकेट झटके। वहीं, 9 ODI मैचों में 100 रन बनाए।
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