भारतीय महिला टीम को दूसरे वनडे मैच में 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से मैच को 29-29 ओवर्स का किया गया था, लेकिन भारतीय टीम की गेंदबाज और बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। उप-कप्तान स्मृति मंधाना (42) और दीप्ति शर्मा (30 नाबाद) को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने चुनौती पेश करने में विफल रही। जबकि भारत ने पहले वनडे मैच में चार विकेट से जीत दर्ज की थी।
मंधाना ने बारिश को भी दिया दोष
स्मृति मंधाना ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुझे लगता है कि बल्लेबाजी इकाई के तौर पर हम परिस्थितियों के अनुकूल जल्दी नहीं ढल पाए। हमने कुछ ऐसे शॉट खेलने की कोशिश की जो लॉर्ड्स जैसी पिच पर शायद आसान नहीं थे। बारिश से प्रभावित मैच में फोकस करना हमेशा बहुत मुश्किल होता है। हमें मैच शुरू होने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इस तरह के मैचों में टॉस अगर आपके पक्ष में नहीं रहा तो मुश्किलें और बढ़ सकती है। यह हम सभी के लिए एक कड़ी चुनौती थी। हम कुछ पहलुओं पर और बेहतर कर सकते थे।
लॉर्ड्स में रन बनाना होता है मुश्किल: मंधाना
स्मृति मंधाना ने कहा कि कहा कि लॉर्ड्स में रन बनाना हमेशा मुश्किल काम होता है और उनकी टीम कुछ अहम सबक लेकर वापस लौटेगी। कई खिलाड़ियों को लॉर्ड्स में पहली बार खेलने का मौका मिला। उत्साह काफी ज्यादा था। इसलिए मुझे यकीन है कि बहुत से खिलाड़ियों ने काफी कुछ सीखा होगा।
2017 में लार्ड्स में ही वर्ल्ड कप का फाइनल हारी थी भारतीय महिला टीम
भारत ने 2017 में इसी मैदान पर इंग्लैंड से विश्व कप फाइनल हारा था। इस मैच में नौ रन की हार के बावजूद टीम के प्रदर्शन का ग्राफ उसके बाद ऊपर चढ़ा। स्मृति मंधाना ने कहा कि महिला क्रिकेट, खास कर भारत में 2017 के बाद काफी बदलाव आया है। हम सब उस दिन जीत नहीं पाने से बहुत निराश थे, लेकिन जब हम भारत लौटे तब हमें नायकों जैसा स्वागत मिला। हर कोई महिला क्रिकेट के बारे में बहुत कुछ जानने लगा।
(Input: PTI)
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