इंग्लैंड की मेंस टेस्ट टीम के नए हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने एक बड़ी बात कही है। उन्होंने साफ किया है कि उनका मकसद इंग्लैंड टीम को दुनिया की नंबर-1 टीम बनाना है। फ्लेमिंग के मुताबिक इस लक्ष्य को पाने के लिए खिलाड़ियों को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर अपना लापरवाह रवैया छोड़ना होगा। अगर टीम बेहतर प्रदर्शन करना चाहती है और आगे बढ़ना चाहती है, तो खिलाड़ियों को अपनी सोच और खेलने के तरीके में सुधार करना बहुत जरूरी है।
जुलाई में इंग्लैंड टीम के टेस्ट कोच बने थे फ्लेमिंग
स्टीफन फ्लेमिंग ने यह बात 19 सितंबर को ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच तीसरे T20 मैच से पहले कही। टेस्ट टीम का हेड कोच बनने के बाद यह मीडिया के साथ उनकी पहली बातचीत थी। फ्लेमिंग को इस साल जुलाई में टेस्ट टीम का नया कोच चुना गया था। उन्हें ब्रेंडन मैकुलम की जगह यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि वह हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद इंग्लैंड पहुंचे हैं। पाकिस्तान सीरीज के दौरान वह इंग्लैंड टीम के साथ नहीं थे।
स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े और खास क्रिकेट कोच के पदों में से एक है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने दो हफ्ते तक चले इंटरव्यू के बाद उन्हें सितंबर 2030 तक के लिए टीम का कोच बनाया है। फ्लेमिंग ने आगे कहा कि इस खास जिम्मेदारी के लिए चुना जाना उनके लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है।
साउथ अफ्रीका दौरे पर है स्टीफन फ्लेमिंग की नजर
स्टीफन फ्लेमिंग अब पूरी तरह से टीम की कमान संभाल चुके हैं और साउथ अफ्रीका का दौरा उनका पहला बड़ा असाइनमेंट होगा। उन्होंने टेस्ट कप्तान जो रूट से आमने-सामने मुलाकात कर अपनी योजनाएं समझाई हैं। फ्लेमिंग ने कहा कि इंग्लैंड की टीम को अपनी सोच और पहचान में सुधार करना होगा। उन्होंने साफ किया कि यह जिम्मेदारी खिलाड़ियों की ही होगी। फ्लेमिंग का एकमात्र बड़ा लक्ष्य इंग्लैंड टीम को 2012 के बाद पहली बार फिर से दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम बनाना है।
एशेज सीरीज का इंतजार कर रहे हैं स्टीफन फ्लेमिंग
फ्लेमिंग ने कहा कि उनका सपना दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम का कोच बनना है। उन्होंने आगे कहा कि एशेज जैसी बड़ी सीरीज का वे बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। न्यूजीलैंड के होने के नाते उन्होंने पूरी जिंदगी एशेज को देखा है और पसंद किया है। इस ऐतिहासिक सीरीज का हिस्सा बनना उनके लिए बहुत बड़ी बात है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड टीम की नई पहचान बनाने का काम भी शुरू कर दिया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
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