भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले को 9 विकेट से अपने नाम करने साथ अपना सम्मान बचाने में कामयाबी जरूर हासिल की। तीसरे वनडे मैच में सभी की नजरें विराट कोहली के प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा टिकी हुई थी, जिसके पीछे शुरुआती 2 मैचों में उनका बिना खाता खोले पवेलियन लौट जाना था। कोहली जब सिडनी वनडे में बल्लेबाजी करने उतरे तो उन्होंने पहली गेंद पर जैसे ही अपना खाता खोला तो उसकी खुशी उनके चेहरे पर साफतौर पर देखने को मिली। वहीं कोहली अपनी इस पारी में नाबाद 74 रन बनाने में कामयाब रहे और टीम को जीत दिलाकर वापस लौटे। इस मैच के खत्म होने के बाद कोहली का बड़ा बयान भी सामने आया जिससे काफी कुछ साफ हो गया।
ये खेल आपको बहुत कुछ सिखाता है
विराट कोहली ने सिडनी वनडे मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत करते हुए शुरुआती 2 वनडे मैचों में शून्य पर आउट होने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि आप भले ही काफी लंबे समय से इंटरनेशनल क्रिकेट में क्यों ना खेल रहे हों लेकिन ये खेल आपको बहुत कुछ सिखाता है। मैं अगले कुछ दिनों में 37 साल का हो जाऊंगा। मुझे टारगेट का पीछा करना हमेशा से पसंद रहा है क्योंकि इससे मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सामने आता है। रोहित के साथ इस मैच में विनिंग साझेदारी करना काफी अच्छा लगा। मुझे लगता है हम दोनों ने शुरू से ही स्थिति को काफी अच्छी तरह से समझा है और हमने हमेशा एक जोड़ी के तौर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
हम शायद अब सबसे अनुभवी जोड़ी
रोहित शर्मा के साथ अपनी जोड़ी को लेकर विराट कोहली ने पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मौजूदा समय में हम दोनों शायद सबसे अनुभवी जोड़ी हैं, लेकिन जब हम युवा थे तो उस समय हम दोनों को पता था कि बड़ी साझेदारी करने से हम विरोधी टीम से मैच को काफी दूर लेकर जा सकते हैं। मुझे लगता है हमने ये साल 2013 में साथ मिलकर करना शुरू किया जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर पर वनडे सीरीज खेली थी। हमें ऑस्ट्रेलिया में आकर खेलना हमेशा अच्छा लगता है, हमने यहां काफी क्रिकेट खेला है और इस सीरीज में बड़ी संख्या में स्टेडियम आने पर मैं फैंस का धन्यवाद कहना चाहता हूं।
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