अजय देवगन की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ का तीसरा और आखिरी पार्ट लंबे समय से चर्चा में है। फिल्म का आधिकारिक ऐलान हो चुका था और शूटिंग की तैयारियां भी पूरी हो गई थीं। लेकिन शूटिंग शुरू होने से कुछ दिन पहले ही अक्षय खन्ना के फिल्म से अलग होने की खबर सामने आई। उनके फिल्म छोड़ने के पीछे रचनात्मक और आर्थिक मतभेदों की बात सामने आई थी, हालांकि इस पूरे मामले को लेकर मेकर्स की तरफ से ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। ऐसे समय में फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि शूटिंग की तय तारीख को आगे बढ़ाए बिना नए कलाकार को शामिल किया जाए और कहानी में जरूरी बदलाव भी किए जाएं।
शूटिंग से ठीक पहले आया बड़ा बदलाव
दिसंबर 2025 में खबर आई थी कि अक्षय खन्ना अब ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का हिस्सा नहीं होंगे। खास बात यह थी कि फिल्म की शूटिंग क्रिसमस के तुरंत बाद शुरू होने वाली थी। यानी मेकर्स के पास फैसला लेने के लिए बहुत कम समय था। एचटी को दिए इंटरव्यू में अभिषेक पाठक के मुताबिक इस स्थिति में टीम के बीच घबराहट तो नहीं थी, लेकिन अचानक हुए बदलाव से सभी निराश जरूर थे। उनके लिए यह समझना मुश्किल था कि शूटिंग से ठीक पहले इस तरह की स्थिति क्यों बनी। ऐसे वक्त में फिल्म की पूरी योजना को रोकना आसान रास्ता हो सकता था, लेकिन निर्देशक ने ऐसा नहीं किया। टीम ने तय किया कि शूटिंग को आगे बढ़ाने के बजाय उपलब्ध समय में ही समस्या का समाधान निकाला जाए। इसके बाद नए कलाकार की तलाश शुरू हुई और कुछ ही दिनों में जयदीप अहलावत को फिल्म में शामिल कर लिया गया।
जयदीप अहलावत की एंट्री के साथ बदला किरदार
जयदीप अहलावत को अक्षय खन्ना की जगह फिल्म में लिया गया, लेकिन यह केवल कलाकार बदलने तक सीमित नहीं रहा। निर्देशक अभिषेक पाठक ने किरदार को भी नए सिरे से लिखा। उन्होंने बताया कि जयदीप ने शुरुआत में उनसे पूछा था कि सिर्फ कास्ट बदली जा रही है या किरदार में भी बदलाव होगा। अभिषेक ने उन्हें साफ बताया कि वह किरदार को ही नए तरीके से तैयार कर रहे हैं। इसके बाद जयदीप ने स्क्रिप्ट पढ़ी और उन्हें नया किरदार पसंद आया। सबसे खास बात यह रही कि कास्टिंग और स्क्रिप्ट में बदलाव की पूरी प्रक्रिया महज पांच-छह दिनों में पूरी करनी पड़ी। जयदीप के लिए भी यह आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें ऐसे किरदार में उतरना था जिसकी तैयारी के लिए आमतौर पर काफी समय मिलता है।
200 से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी थी दांव पर
अभिषेक पाठक के लिए शूटिंग टालने का फैसला सिर्फ फिल्म की रिलीज या प्रोडक्शन से जुड़ा मामला नहीं था। फिल्म के सेट तैयार हो चुके थे और पूरी टीम अपनी तारीखें लॉक कर चुकी थी। निर्देशक के मुताबिक, फिल्म से 200 से ज्यादा लोग सीधे तौर पर जुड़े हुए थे। इनमें तकनीकी टीम, कैमरा विभाग, प्रोडक्शन डिजाइनर, लाइट असिस्टेंट और स्पॉट बॉय जैसे कई लोग शामिल थे। इनमें से कई लोग रोजाना की कमाई पर निर्भर रहते हैं। अगर शूटिंग रद्द होती या लंबे समय के लिए आगे बढ़ती, तो उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ता। इसके अलावा फिल्म के बड़े कलाकारों की तारीखें भी पहले से तय थीं। उन्हें दोबारा एक साथ तारीखें मिलना मुश्किल था, क्योंकि कलाकार दूसरी बड़ी फिल्मों के लिए भी प्रतिबद्ध थे। यही वजह रही कि निर्देशक ने शूटिंग रोकने के बजाय आखिरी समय में बदलाव करके आगे बढ़ने का फैसला किया।
जयदीप को तैयारी के लिए मिले सिर्फ कुछ दिन
जयदीप अहलावत और अभिषेक पाठक पहले से एक-दूसरे को सामाजिक तौर पर जानते थे। जयदीप की पहली फिल्म ‘आक्रोश’ को अभिषेक के पिता कुमार मंगत पाठक ने प्रोड्यूस किया था। हालांकि ‘दृश्यम’ जैसी बड़ी और पहले से स्थापित फ्रेंचाइजी में इतनी जल्दी शामिल होना उनके लिए भी चुनौती थी। जयदीप के पास किरदार को समझने और उसकी तैयारी करने के लिए महीनों का समय नहीं था। दोनों ने दो बार स्क्रिप्ट रीडिंग की। इसके बाद जयदीप शूटिंग शुरू होने से एक-दो दिन पहले सेट पर पहुंचे। मुंबई में उनका लुक टेस्ट भी किया गया। अभिषेक का कहना है कि उस वक्त दोनों ने एक-दूसरे पर भरोसा किया, क्योंकि हालात बेहद कम समय में फैसले लेने वाले थे। निर्देशक के मुताबिक जयदीप ने इस मुश्किल परिस्थिति के बावजूद किरदार को जिस तरह अपनाया, उससे वह प्रभावित हुए। उनके लिए एक ऐसी कहानी का हिस्सा बनना चुनौतीपूर्ण था, जिसमें पहले से दर्शकों की उम्मीदें और फ्रेंचाइजी का दबाव मौजूद था।
गोवा में शूट हुआ सीन दोबारा मुंबई में फिल्माया
जयदीप अहलावत के किरदार की एंट्री का एक अहम सीन पहले गोवा में शूट किया गया था। हालांकि बाद में अभिषेक पाठक को लगा कि यह सीन उस प्रभाव के साथ सामने नहीं आ रहा, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। इसलिए उन्होंने इसे दोबारा मुंबई में शूट करने का फैसला किया। निर्देशक के मुताबिक उस समय कहानी में किए गए बदलाव भी काफी जल्दबाजी में हुए थे। उन्हें लगा कि सीन को और बेहतर तरीके से पेश किया जा सकता है। जयदीप ने भी इस बदलाव को लेकर निर्देशक को पूरा सहयोग दिया। अभिषेक का मानना है कि आखिरी समय का यह दबाव आखिरकार किरदार के लिए फायदेमंद साबित हुआ।
2 अक्टूबर को रिलीज होगी ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’
‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ को फ्रेंचाइजी की तीसरी और अंतिम फिल्म के तौर पर पेश किया जा रहा है। फिल्म में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर की भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और कमलेश सावंत भी अपने पुराने किरदारों में वापसी करेंगे। जयदीप अहलावत के अलावा प्रकाश राज और सौरभ शुक्ला फिल्म की नई कास्ट का हिस्सा हैं। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। अक्षय खन्ना के जाने के बाद कहानी और किरदारों में हुए बदलाव ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज कर दिया गया है।
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