भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है, जब तक सचिन क्रीज पर होते फैंस को उम्मीद रहती कि टीम इंडिया मैच जीत जाएगी। सचिन के वनडे वर्ल्ड कप का जीतने का सपना साल 2011 में पूरा हुआ, फिर इसके बाद उन्होंने साल 2013 में क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया। उनके रिटायरमेंट के बाद भारतीय फैंस के मन में सवाल था कि सचिन की जगह कौन लेगा? कौन सा खिलाड़ी सचिन के हिमालय जितने बड़े आंकड़ों को छू पाएगा, लेकिन फिर उदय हुआ विराट कोहली का। किंग कोहली ने भारतीय फैंस को जीत की वह उम्मीद दी, जो आज तक कायम है। टीम इंडिया कितनी भी मुश्किल परिस्थिति में फंसी हुई हो। वह हर बार एक बेहतरीन सेनापति की तरह आगे आए और टीम को जीत दिलाई। आज (20 जुलाई को) वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच उनका भारत के लिए 500वां मुकाबला होगा। इसी के साथ वह अपने ताज में रिकॉर्ड का एक और हीरा जड़ लेंगे। आइए जानते हैं, कैसे शुरू हुआ कोहली का सफर।
कोहली को 15 साल पहले दिलाया था अंडर-19 वर्ल्ड कप
विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में हुआ। उन्होंने राजकुमार शर्मा से कोचिंग ली और क्रिकेट का कहकरा सीखा। उनके कोच बताते हैं कि कोहली में प्रतिभा बचपन से ही कूट-कूटकर भरी हुई थी। वह बचपन से ही दूसरों से अलग दिखना चाहते थे। कोहली दुनिया की नजरों में साल 2008 में सबके सामने आए, जब साल 2008 में उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। उन्होने दुनिया को अपने कप्तानी कौशल को 15 साल पहले ही दिखा दिया था।
IPL में एक ही टीम से खेले 16 सीजन
साल 2008 में विराट कोहली को आईपीएल में आरसीबी की टीम ने खरीद लिया। वह दुनिया के इकलौते ऐसे प्लेयर हैं, जो आईपीएल में लगातार एक ही टीम से 16 सीजन खेले। ज्यादातर फैंस आरसीबी को इसलिए सपोर्ट करते हैं, क्योंकि वह कोहली को पसंद करते हैं। अगर कोहली दूसरी टीम से खेल रहे होते, तो फैंस उस टीम को सपोर्ट करते।
भारत के लिए बने चेस मास्टर
विराट कोहली ने भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका अदा की थी। सेलेक्टर्स ने अच्छे प्रदर्शन का इनाम उन्हें टीम इंडिया में जगह देकर की। कोहली ने भारत के लिए अगस्त 2008 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। टी20 डेब्यू 2010 में और टेस्ट डेब्यू साल 2011 में किया था। इसके बाद अगले एक दशक तक उन्होंने क्रिकेट की दुनिया पर राज किया। अहम मौकों पर उन्होंने बड़ी पारी खेली। एशिया कप 2012 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 183 रनों की पारी खेली। चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के फाइनल में 43 रन बनाए थे। टी20 वर्ल्ड कप 2014 और 2016 में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे।
अहम मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाने के कारण ही वह फैंस के लिए बन गए चेस मास्टर। विरोधी टीम कितना बड़ा भी स्कोर खड़ा करने में सफल हो जाए, लेकिन जब तक कोहली क्रीज पर हैं फैंस को उम्मीद रहती कि वह जीत दिला देंगे। कोहली सचिन की जगह लगभग भर चुके थे। मैदान पर उनकी ऊर्जा देखने लायक होती है। उनकी गिनती दुनिया के सबसे फिट खिलाड़ियों में होती है। वह सिर्फ वनडे ही नहीं क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में सफल रहे हैं और ऐसा किसी भी बल्लेबाज के लिए करना बहुत ही मुश्किल काम है।
नाम दर्ज हैं ये बड़े रिकॉर्ड
विराट कोहली भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में 100 से ज्यादा मैच खेलने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। वह सचिन तेंदुलकर के बाद क्रिकेट की दुनिया में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 74 शतक ठोके हैं। कोहली ने भारत के लिए टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा 7 दोहरे शतक लगाए हैं। वहीं, कप्तान के तौर पर वह भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने वाले खिलाड़ी हैं। कोहली की कप्तानी में भारत ने 40 टेस्ट मुकाबले जीते हैं।
इन बल्लेबाजों की लिस्ट में होंगे शामिल
विराट कोहली ने अभी तक भारत के लिए 499वें इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमे 110 टेस्ट, 274 वनडे और 115 टी20 मुकाबले खेले हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में वह अपना 500वां मैच खेलने उतरेंगे। वह भारत के लिए 500 से ज्यादा मुकाबले खेलने वाले चौथे बल्लेबाज बनेंगे। वह सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और महेंद्र सिंह धोनी के क्लब में शामिल हो जाएंगे।