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ओलंपिक से पहले भारतीय बैडमिंटन को बड़ा झटका, सिंधु की कोच ने दिया इस्तीफ़ा

 Reported By: Bhasha
 Published : Sep 24, 2019 12:43 pm IST,  Updated : Sep 24, 2019 12:43 pm IST

किम जी ह्युन के मार्गदर्शन में ही पीवी सिंधू ने स्विट्जरलैंड के बासेल में विश्व चैंपियनशिप में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था। 

Kim Ji Hyun- India TV Hindi
Kim Ji Hyun Image Source : BWF

नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक में जब एक साल से भी कम का समय बचा है तब भारत की महिला एकल बैडमिंटन कोच दक्षिण कोरिया की किम जी ह्युन ने न्यूजीलैंड में अपने बीमार पति की देखभाल के लिए पद से इस्तीफा दे दिया है। 

भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने इसी साल किम को अनुबंधित किया था और उनके मार्गदर्शन में ही पीवी सिंधू ने स्विट्जरलैंड के बासेल में विश्व चैंपियनशिप में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था। 

बुसान की रहने वाली 45 साल की किम को हालांकि अपने पति रिची मेर के पास न्यूजीलैंड जाना पड़ा जिन्हें लगभग 15 दिन पहले ‘न्यूरो स्ट्रोक’ का सामना करना पड़ा था। 

भारत के मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने पीटीआई को बताया, ‘‘यह सच है, किम ने इस्तीफा दे दिया है क्योंकि उनके पति काफी बीमार हैं। विश्व चैंपियनशिप के दौरान उन्हें न्यूरो स्ट्रोक का सामना करना पड़ा। इसलिए वह वापस लौट गईं। उन्हें अपने पति की देखभाल करनी होगी क्योंकि इससे उबरने में चार से छह महीने का समय लगेगा।’’

किम ने सिंधू के साथ अच्छी जोड़ी बनाई थी और भारतीय खिलाड़ी भी अपनी सफलता में कोरियाई कोच की भूमिका को स्वीकार कर चुकी है। किम भारत की तीसरी विदेशी कोच हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही इस्तीफा दे दिया। इंडोनेशिया के जाने माने कोच मुल्यो हेंडोयो ने भी 2017 में निजी कारणों से भारतीय राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम का साथ छोड़ दिया था। वह बाद में सिंगापुर की टीम से जुड़ गए थे। 

हेंडोयो ने विश्व स्तर पर भारत के पुरुष एकल खिलाड़ियों की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी। मलेशिया के टेन किम हर ने भी इस साल की शुरुआत में भारतीय युगल कोच के अपने पद से इस्तीफा दे दिया था जबकि उनका कार्यकाल टोक्यो ओलंपिक तक था। 

बीएआई को अब जल्द ही किम का विकल्प ढूंढना होगा क्योंकि ओलंपिक क्वालीफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है और टोक्यो खेल सिर्फ 10 महीने दूर हैं। गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम उनके स्थान पर किसी और को लाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन यह कामचलाऊ इंतजाम होगा। हमें स्थायी हल ढूंढना होगा।’’ 

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