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Tokyo Olympics 2020: तीन हार के बाद फिल्म देखने से मिला फायदा- महिला हॉकी टीम के कोच

 Reported By: Bhasha
 Published : Aug 02, 2021 01:58 pm IST,  Updated : Aug 02, 2021 01:58 pm IST

भारत की क्वॉर्टरफाइनल में विश्व के नंबर दो ऑस्ट्रेलिया पर 1-0 की जीत के बाद मारिन ने कहा, "स्वयं पर विश्वास करने और अपने सपनों पर विश्वास करने से अंतर पैदा हुआ और यह अतीत को ध्यान में रखते हुए वास्तविकता का सामना करने से जुड़ा था।"

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Tokyo Olympics 2020: indian women hockey team coach shored marin says team got confidence back by watching a film Image Source : TWITTER HANDLE/@MEDIA_SAI

भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच सोर्ड मारिन ने सोमवार को खुलासा किया कि लगातार तीन हार से टीम का मनोबल टूट गया था लेकिन इसके बाद खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास जगाने वाली फिल्म देखी जिससे उनमें नया ओज भरा और वे पहली बार ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रचने में सफल रही। भारतीय टीम ने लगातार हार के बाद शानदार वापसी की और मारिन ने कहा कि आयरलैंड के खिलाफ करो या मरो मैच से पहले एक फिल्म देखने से टीम को मनोवैज्ञानिक रूप से मदद मिली। उन्होंने इस फिल्म के नाम का खुलासा नहीं किया।

भारत की क्वॉर्टरफाइनल में विश्व के नंबर दो ऑस्ट्रेलिया पर 1-0 की जीत के बाद मारिन ने कहा, "स्वयं पर विश्वास करने और अपने सपनों पर विश्वास करने से अंतर पैदा हुआ और यह अतीत को ध्यान में रखते हुए वास्तविकता का सामना करने से जुड़ा था। यह अहम चीज थी और हमने यही किया। यदि आप हार जाते हैं तो आप स्वयं पर विश्वास करना नहीं छोड़ते हैं और यही मैंने लड़कियों से कहा। सबसे महत्वपूर्ण उस पल में जीना होता है। मैंने उन्हें एक फिल्म दिखायी और यह फिल्म वर्तमान पल को जीने से जुड़ी थी और मुझे लगता है कि इससे वास्तव में मदद मिली। आयरलैंड के खिलाफ हम इस फिल्म का जिक्र करते रहे।"

मारिन ने फिल्म का नाम बताने से इन्कार करते हुए कहा, "मैंने इसका जिक्र अपनी किताब में किया है जो मैंने लॉकडाउन के दौरान भारत में अपने अनुभवों के बारे में लिखी है।"

मुख्य कोच ने कहा कि उन्होंने टीम से केवल अपने सर्वोच्च लक्ष्य के बारे में सोचने के लिये कहा। मारिन ने कहा, "भारत में आपको ऊंची सोच रखनी चाहिए और यही मैंने लड़कियों से कहा। यदि आप सर्वोच्च को लक्ष्य बनाते हो, बादल छूने का लक्ष्य बनाते हो तो आप सबसे ऊंचे पर्वत पर गिरोगे और आप पहाड़ को लक्ष्य बनाते हो तो मैदान पर गिरोगे। हमने बादलों को छूने का लक्ष्य बनाया और मैंने कहा कि इसके बाद जो कुछ होगा वह मायने नहीं रखता लेकिन हमें अपना लक्ष्य ऊंचा रखना है।"

भारतीय कप्तान रानी रामपाल ने टीम का भाग्य बदलने के लिये फिल्म को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि फिल्म ने वास्तव में हमारी मदद की। फिल्म ने हमें वर्तमान पल को जीने के लिये प्रेरित किया। केवल आपके सामने जो है उसके बारे में सोचने और अतीत के बारे में नहीं सोचने की सीख दी। आज कोच ने कहा कि केवल 60 मिनट पर ध्यान लगाओ, केवल 60 मिनट में भूमिका निभाओ।"

मुख्य कोच ने कहा कि वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं क्योंकि यह उपलब्धि भारत में महिला हॉकी के लिये काफी मायने रखती है। मारिन ने कहा, "हम सोच रहे थे कि महिला टीम के लिये सबसे बड़ा लक्ष्य क्या है और यह पदक जीतने को लेकर नहीं है। यह भारत में महिलाओं को प्रेरित करने और युवा लड़कियों को प्रेरित करने से जुड़ा है। आप ऐसी विरासत ही तैयार करना चाहते है। यही वह विरासत है जो लड़कियां बनाना चाहती हैं।"

उन्होंने कहा, "हमारी सोच ऐसी है और मैं इसमें सहायता करने के लिये यहां हूं तथा पदक इन चीजों में मदद करता है।" कप्तान रानी ने पिछले पांच साल की कड़ी मेहनत को भी श्रेय दिया।

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भारतीय टीम रियो ओलंपिक 2016 में अंतिम स्थान पर रही थी। उन्होंने कहा, "रियो हमारे लिये वास्तव में अच्छा अनुभव नहीं रहा। हम रियो के बारे में नहीं सोचना चाहते क्योंकि उसने हमें कुछ उदासीन पल दिये थे। लेकिन उसके बाद पिछले पांच वर्षों में हमने कड़ी मेहनत की और प्रशिक्षकों ने भी इस यात्रा में अहम भूमिका निभायी।"

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