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विश्व एथलेटिक्स : भारत का अभियान खत्म, झोली रही खाली

 Written By: IANS
 Published : Aug 31, 2015 07:50 am IST,  Updated : Aug 31, 2015 07:52 am IST

नई दिल्ली: महिला मैराथन में दो भारतीयों की शिरकत के साथ रविवार को बीजिंग में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के 15वें संस्करण में भारत का अभियान समाप्त हो गया। चंद सराहनीय प्रदर्शनों के अलावा भारत

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विश्व एथलेटिक्स : भारत का अभियान खत्म, झोली रही खाली

नई दिल्ली: महिला मैराथन में दो भारतीयों की शिरकत के साथ रविवार को बीजिंग में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के 15वें संस्करण में भारत का अभियान समाप्त हो गया। चंद सराहनीय प्रदर्शनों के अलावा भारत की झोली इस बार भी खाली रही।

भारत ने विश्व चैम्पियनशिप के इस संस्करण के लिए कुल 17 एथलीट बीजिंग भेजे थे। इनमें से कोई भी एथलीट पदक नहीं जीत सका। ललिता बाबर ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टेपलचेज स्पर्धा के फाइनल में आठवां स्थान हासिल करते हुए अंक अर्जित किया और यही इस चैम्पियनशिप में भारत का अपलब्धि रही।

टिंटू लुका, विकास गौड़ा ही दो ऐसे नाम थे, जिनसे भारत इस साल पदक की उम्मीद कर सकता था। एशियाई खेलों और एशियाई चैम्पियनशिप में 800 मीटर चैम्पियन टिंटू ने हालांकि बुरी तरह निराश किया और फाइनल में भी नहीं पहुंच सकीं। इसी तरह चक्का फेक में एशियाई खेलों में रजत, एशियाई चैम्पियनशिप में स्वर्ण और राष्ट्रमंडल खेलो में स्वर्ण जीतने वाले गौड़ा ने भी निराश किया।

अंतिम प्रतिनिधित्व महिला मैराथन में जैयशा ओर्चातेरी और सुधा सिंह का रहा। जैयशा ने नए राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ 18वां स्थान हासिल किया। सुधा को 19वां स्थान मिला। 33 साल की जैयशा ने 2 घंटा 34.43 मिनट समय में रेस पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया। दूसरी ओर, 29 साल की सुधा ने 2 घंटा 35.35 मिनट में रेस पूरी की। यह उनका व्यक्तिगत श्रेष्ठ समय है। इस स्पर्धा मे ललिता शिवाजी बाबर हिस्सा नहीं ले सकीं।

भारत ने 23 अगस्त को पुरुषों की 20 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा के साथ बीजिंग में अपने अभियान की शुरुआत की थी। गुरमीत सिंह, बालजिंदर सिंह और चंदन सिंह ने इस स्पर्धा में हिस्सा लिया था। गुरमीत 35वें और चंदन 41वें स्थान पर रहे जबकि बालजिंदर अयोग्य करार दिए गए।

इसके बाद 24 अगस्त को ललिता ने 3000 मीटर स्टेपलचेज हीट्स में हिस्सा लिया और राष्ट्रीय रिकार्ड (9.27.86 मिनट)के साथ चौथा स्थान हासिल किया। वह फाइनल में पहुंचने में सफल रहीं। 26 अगस्त को हुए फाइनल में उन्हें आठवां स्थान मिला। ललिता 2000 मीटर तक बढ़त बनाए हुए थीं लेकिन अंतिम 1000 मीटर में वह काफी पीछे चली गईं। ललिता ने 9.29.64 मिनट मे रेस पूरी की।

26 को ही टिंटू लुका ने महिलाओं की 800 मीटर स्पर्धा में अपनी चुनौती पेश की लेकिन वह हीट्स से आगे नहीं जा सकीं। टिंटू ने हीट्स में हालांकि इस सत्र का अपना सबसे अच्छा समय निकाला लेकिन इसके बावजूद वह आगे नहीं बढ़ सकीटिंटू ने 2.00.95 मिनट में रेस पूरी की और हीट-1 में शामिल आठ धाविकाओं में सातवें स्थान पर रहीं। समय के आधार पर टिंटू हीट्स में शामिल 44 एथलीटों के बीच 19वें स्थान पर रहीं।

पुरुषों की चक्का फेक स्पर्धा में गौड़ा 27 अगस्त को फाइनल में पहुंचे। गौड़ा ने क्वालीफाइंग में 63.86 मीटर की दूरी नापी। वह हालांकि ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन के लिए जरूरी 65 मीटर की दूरी नहीं नाप सके लेकिन क्वलीफिकेशन में शामिल 30 एथलीटों में सातवें स्थान पर रहे। गौड़ा ने ग्रुप-ए में चौथा स्थान हासिल किया। 65 की दूरी नापने वाले सिर्फ दो एथलीट रहे। 29 अगस्त को हुए फाइल में कुल 12 एथलीट शामिल थे। गौड़ा फाइनल में 62.24 मीटर के साथ नौवां स्थान हासिल कर सके।

महिलाओं की 20 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा में 28 अगस्त को खुशबीर कौर और सपना ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। खुशबीर 37वें स्थान पर रहीं जबकि सपना रेस पूरा नहीं कर सकीं। खुशबीर मास्को में दो साल पहले 38वें स्थान पर रही थीं जबकि सपना पहली बार विश्व चैम्पियनशिप में हिस्सा ले रही थीं। खुशबीर ने मास्को में एक घंटे 34.28 मिनट के साथ राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया था लेकिन इस साल वह 1 घंटे 38.53 मिनट में रेस पूरा कर सकीं। दूसरी ओर, सपना को पांच से 10 किलोमीटर के बीच अयोग्य करार दिया गया।

पुरुषों की 50 किलोमीटर स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व 29 अगस्त को मनीष कुमार और संदीप कुमार ने किया। संदीप ने 26वां और मनीष ने 27वां स्थान हासिल किया। संदीप ने 3 घंटे 57.03 मिनट में यह रेस पूरी की। यह इस सत्र में उनका अब तक का सबसे अच्छा समय है। दूसरी ओर, पहली बार विश्व चैम्पियनशिप में हिस्सा ले रहे मनीष ने 3 घंटे 57.11 मिनट में रेस पूरी की। यह उनका व्यक्तिगत श्रेष्ठ समय है।

मास्को में भी भारत का खाता नहीं खुल सका था। पदक तालिका में उसे कोई जगह नहीं मिली थी लेकिन प्लेसिंग तालिका में उसे 53वां स्थान मिला था। उस साल भारत दो अंक जुटाने में सफल रहा था। इस साल भारत सिर्फ एक अंक जुटा सका और इसी आधार पर उसे प्लेसिंग तालिका में 65वां स्थान मिला। दाएगू में भी भारत को दो अंकों के साथ प्लेसिंग तालिका में 61वां स्थान मिला था।

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