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महान एक्टर ही नहीं, नेशनल लेवल शूटर भी थे नाना पाटेकर, 53 साल की उम्र में जीता था मेडल

 Written By: Vanson Soral
 Published : Oct 08, 2026 11:48 am IST,  Updated : Oct 08, 2026 11:48 am IST

नाना पाटेकर ने सिनेमा के पर्दे पर कई किरदार निभाए, लेकिन उनकी जिंदगी का एक पहलू ऐसा भी था जो फिल्मी दुनिया से बिल्कुल अलग था। अभिनय में अपनी पहचान बनाने वाले नाना पाटेकर नेशनल लेवल के शूटर भी रहे और मेडल भी जीता।

Nana Patekar- India TV Hindi
नाना पाटेकर Image Source : AFP

नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं हैं। नाना का आज सुबह गोवा में निधन हो गया। उन्होंने 75 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। नाना पाटेकर को हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में गिना जाता है, जिन्होंने अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि फिल्मों में शानदार अभिनय करने वाले नाना पाटेकर निशानेबाजी में भी माहिर थे। उन्होंने राज्य और नेशनल लेवल की शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। यही नहीं, उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप में मेडल तक जीता। 

40 की उम्र के बाद शुरू की शूटिंग

दिलचस्प बात यह है कि नाना पाटेकर ने शूटिंग की शुरुआत बेहद कम उम्र में नहीं, बल्कि अपने 40 के दशक में की थी। साल 2011 में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शूटिंग प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण समारोहों में मुख्य अतिथि बनने के दौरान उन्हें अलग-अलग तरह की बंदूकें चलाने का मौका मिलता था। धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी बढ़ती गई और निशाना भी बेहतर होता गया।

नाना ने बताया था कि वह इतने छोटे निशानों पर निशाना लगाने लगे थे, जैसे मिनरल वाटर की बोतल का ढक्कन। करीब 2001 में जब वह 49 साल के थे, उन्होंने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया। उन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन और 300 मीटर बिग-बोर स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। इसके लिए उन्होंने पुणे के बालेवाड़ी और महू समेत कई शूटिंग रेंज में जमकर अभ्यास किया।

55 की उम्र में जीता नेशनल चैंपियनशिप मेडल

नाना पाटेकर की निशानेबाजी में एक अहम कड़ी उनकी फिल्म प्रहार भी रही। 1991 में आई इस फिल्म के लिए उन्होंने भारतीय सेना के साथ ट्रेनिंग ली थी। माना जाता है कि सेना के साथ मिला वह अनुभव बाद में शूटिंग में उनके काफी काम आया। नाना की मेहनत का नतीजा नेशनल लेवल पर भी देखने को मिला। साल 2004 में उन्होंने इंदौर की BSF रिओटी रेंज में आयोजित 48वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 300 मीटर बिग-बोर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। इसके करीब तीन साल बाद 2007 में उन्होंने महाराष्ट्र की टीम के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

नाना पाटेकर के निधन से शोक की लहर

गौरतलब है कि नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर की सुबह निधन हो गया। बताया गया कि गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर नाना बेहोशी की हालत में मिले थे। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की। करीब सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है। नाना पाटेकर के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

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