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Telegram पर बड़ी कार्रवाई, 22 जून तक रहेगा बैन, WhatsApp पर क्यों नहीं लगी पाबंदी?

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jun 16, 2026 04:50 pm IST,  Updated : Jun 16, 2026 04:50 pm IST

सरकार ने Telegram ऐप पर 22 जून तक प्रतिबंध लगा दिया है। आगामी NEET परीक्षा को देखते हुए सरकार ने ये बड़ा फैसला किया है। हालांकि, WhatsApp पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।

Telegram ban in India- India TV Hindi
टेलीग्राम ऐप भारत में बैन Image Source : UNSPLASH

Telegram Ban in India: सरकार ने 22 जून तक Telegram ऐप पर बैन लगाने का फैसला किया है। NEET पेपर लीक में इस इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया था, जिसे देखते हुए सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, अन्य मैसेजिंग ऐप जैसे कि WhatsApp आदि पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। आखिर, टेलीग्राम ऐप में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से सरकार को इतना कड़ा फैसला लेना पड़ा है। 22 जून को NEET की रद्द हुई परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। तब तक के लिए टेलीग्राम ऐप के एक्सेस को सरकार ने रोकने का फैसला किया है।

टेलीग्राम ऐप में क्या है ऐसा?

आप में से कई लोग ये सोच रहे होंगे अगर, टेलीग्राम ऐप इतना ही खतरनाक है तो फिर इस पर हमेशा के लिए प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जा रहा है? टेलीग्राम ऐप में कई ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जो वॉट्सऐप में नहीं मिलते हैं, जिसकी वजह से सरकार ने इस ऐप पर बैन लगाने का फैसला किया है।

WhatsApp के मुकाबले टेलीग्राम ऐप में बड़े पैमाने पर मैसेज फॉरवर्ड किया जा सकता है, जिसकी वजह से ऐप का इस्तेमाल मास मैसेज डिस्ट्रीब्यूशन के लिए किया जा सकता है। वॉट्सऐप या अन्य मैसेजिंग ऐप में मैसे फॉरवर्ड सीमित है। वहीं, टेलीग्राम पर मास ब्रॉडकास्टिंग के लिए पब्लिक चैनल बनाए जा सकते हैं, जिसमें हजारों या लाखों की संख्यां में लोग जुड़ सकते हैं। वहीं, वॉट्सऐप में ऐसी सुविधा नहीं है। यह एक ग्रुप बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जिसमें सीमित लोग जुड़ सकते हैं।

इस फीचर का हो सकता है मिसयूज

इसके अलावा टेलीग्राम में एक और फीचर दिया गया है, जिसका बड़े पैमाने पर मिसयूज किया जाता है। नीट पेपर लीक में भी इस फीचर का इस्तेमाल किया गया था। टेलीग्राम ऐप में बैकडेट एडिटिंग फीचर दिया गया है, जिसकी मदद से किसी मैसेज को बैकडेट में एडिट किया जा सकता है, ताकि जांच होने पर असली डेट का पता न चल सके। इस फीचर का गलत इस्तेमाल करके फेक न्यूज को फैलाया जा सकता है।

WhatsApp क्यों नहीं हुआ बैन?

Meta के इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की बात करें तो सरकारी एजेंसियां वॉट्सऐप को सिक्योर मानती है। इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से संपर्क करना आसान है, और सरकारी एजेंसियों के अनुरोध को पूरा करने के लिए डेडिकेटेड टीम भी भारत में है। ऐसे में किसी फर्जी खबर को वॉट्सऐप पर फैलने से रोकना आसान है।

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