1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. WhatsApp बना साइबर अपराधियों की पहली पसंद, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में खुल गई पोल-पट्टी

WhatsApp बना साइबर अपराधियों की पहली पसंद, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में खुल गई पोल-पट्टी

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jan 02, 2025 01:12 pm IST,  Updated : Jan 02, 2025 01:18 pm IST

WhatsApp एक बार फिर से साइबर अपराधियों की पहली पसंद बना है। गृह मंत्रालय की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया है।

WhatsApp, Cybercriminals- India TV Hindi
वाट्सऐप इस साल भी साइबर क्रिमिनल्स की पहली पसंद रहा है। Image Source : FILE

WhatsApp, Instagram, Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक बार फिर से साइबर क्रिमिनल्स की पहली पसंद रहे हैं। गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए होने वाले साइबर क्राइम के आंकड़ों में वाट्सऐप एक बार फिर से सबसे ज्यादा मिसयूज किया जाने वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रहा है। इस साल डिजिटल अरेस्ट के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें वाट्सऐप के जरिए वीडियो कॉलिंग करके अपराधियों ने लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है।

वाट्सऐप के जरिए सबसे ज्यादा फ्रॉड

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की पहली तिमाही में साइबर फ्रॉड की कुल 43,797 शिकायतें दर्ज की गई, जिनमें से सबसे ज्यादा 22,680 शिकायतें वाट्सऐप के जरिए किए जाने वाले फ्रॉड की रही हैं। इसके अलावा टेलीग्राम के जरिए अपराधों की संख्यां 19,800 रही है। MHA की एनुअल रिपोर्ट 2023-24 के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने गूगल सर्विसेज के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इन अपराधों को इनिशिएट करने के लिए किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल एडवर्टिजमेंट्स प्लेटफॉर्म साइबर अपराधियों को टारगेटेड एडवर्टिजमेंट्स करने में मदद करता है।

इन्वेस्टमेंट स्कैम

खास तौर पर इन्वेस्टमेंट स्कैम के जरिए दुनियाभर के ज्यादातर लोगों को टारगेट किया जाता है। इसके अलावा साइबर अपराधों में मनी लॉन्ड्रिंग स्कैम, डिजिटल अरेस्ट आदि शामिल हैं। साइबर अपराधियों ने गूगल प्लेटफॉर्म्स के अलावा पेसबुक ऐड्स का इस्तेमाल ऑर्गेनाइज्ड तरीके से साइबर फ्रॉड करने में किया है। साइबर अपराधी लोगों के स्मार्टफोन में फर्जी लैंडिंग ऐप्स फेसबुक के जरिए पहुंचाने का काम किया।

गृह मंत्रालय की साइबर सिक्योरिटी विंग I4C देश में बढ़ रहे साइबर अपराधों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पिछले दिनों सरकार ने हजारों वाट्सऐप नंबर को ब्लॉक किया है। ये वाट्सऐप अकाउंट इंटरनेशनल नंबर से बनाए गए थे और साइबर अपराधियों द्वारा ऑपरेट किए जा रहे थे। वाट्सऐप के जरिए भारतीय यूजर्स के साथ डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।

वाट्सऐप भारत ही नहीं दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है, जिसके 295 करोड़ से भी ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। भारत में भी मेटा का यह इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप काफी लोकप्रिय है। इसके डेली एक्टिव यूजर्स की संख्यां करोड़ों में है, जिसकी वजह से साइबर अपराधियों के लिए यह पहली पसंद है।

यह भी पढ़ें - Republic Day परेड की बुकिंग शुरू, जानें कितनी है टिकट प्राइस, घर बैठे कैसे करें बुक

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tech News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें टेक