1. Hindi News
  2. टेक
  3. टिप्स और ट्रिक्स
  4. AI से आवाज बदलकर हो रहा फ्रॉड, एक गलती से खाली होगा बैंक अकाउंट, कैसे बचें?

AI से आवाज बदलकर हो रहा फ्रॉड, एक गलती से खाली होगा बैंक अकाउंट, कैसे बचें?

 Written By: Harshit Harsh
 Published : Sep 30, 2026 04:59 pm IST,  Updated : Sep 30, 2026 05:00 pm IST

AI जितना हमारे लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, उतना ही इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। एआई के गलत इस्तेमाल की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एआई के जरिए आवाज बदलकर लोगों के साथ फ्रॉड किया जा रहा है।

AI Voice cloning- India TV Hindi
एआई वॉइस क्लोनिंग Image Source : UNSPLASH

क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि कोई आपकी जान-पहचान के लोग फोन करके पैसे की मांग कर रहे हैं या किसी तरह की मदद मांग रहे हैं? आपको पैसे ट्रांसफर करने के लिए कह रहे हैं? AI के जमाने में ऐसे कई तरह के मामले सामने आए हैं, जिनमें एआई के जरिए आवाज बदलकर लोगों को कॉल करके झांसे में लिया जाता है और फिर उनके साथ बड़ा फ्रॉड किया जाता है।

ऑनलाइन फ्रॉड केवल SMS, वॉट्सऐप मैसेज, ई-मेल के जरिए फर्जी लिंक, APK फाइल से नहीं होता है। एआई के जमाने में साइबर क्रिमिनल्स लगातार नए तरीके निकालकर लोगों के साथ फ्रॉड कर रहे हैं। उनकी जिंदगी भर की जमा-पूजी को एक झटके में गायब कर रहे हैं। एआई टूल्स आजकल इतने एडवांस हो गए हैं कि वो आपकी हू-ब-हू आवाज को कॉपी कर सकते हैं। फिर आपके जानने वालों को कॉल करके झांसे में लेते हैं और फिर बैंक अकाउंट में सेंध लगाते हैं।

कैसे होती है वॉइस क्लोनिंग?

साइबर अपराधी सबसे पहले आपकी आवाज के सैंपल निकालते हैं। इसके लिए आपके सोशल मीडिया जैसे कि रील्स, शॉर्ट्स आदि पर डाले गए वीडियो क्लिप में से ऑडियो निकालते हैं। फिर इसका इस्तेमाल एआई एजेंट को ट्रेन करने के लिए करते हैं। एआई टूल्स आपके वॉइस सैंपल का इस्तेमाल करके आपकी तरह बोलने में पारंगत हो जाते हैं।

इसके बाद फ्रॉड का दूसरा चरण शुरू होता है। क्रिमिनल्स आपकी आवाज का इस्तेमाल करके आपके जानने वालों को कॉल करते हैं या वॉइस नोट भेजते हैं। उनसे मदद के बहाने पैसे ट्रांसफर करवाते हैं या किसी तरह का ट्रांजैक्शन करने पर मजबूर कर देते हैं। इस तरह के फ्रॉड के पैसे वापस लाने के लिए आपको लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा, क्योंकि आपने अपनी मर्जी से पैसे ट्रांसफर किया है।

हमने इसे समझने के लिए FonadaLabs के को-फाउंडर नीतिश गोपलानी से बात की। उन्होंने कहा-

"जब किसी व्यक्ति की वॉइस को उनकी अनुमति के बिना क्लोन किया जाता है, तो धोखाधड़ी हो सकती है। इसलिए हर प्लेटफॉर्म को दो सुरक्षा उपाय करना चाहिए। पहला, लाइव ह्यूमन वेरिफिकेशन, जिसमें आवाज क्लोन करने से पहले बोलने वाले को एक खास स्क्रिप्ट पढ़नी होती है, और दूसरा, किसी भी अन्य इस्तेमाल के लिए, KYC और साइन किए गए NDA वाले वेरिफाइड एंटरप्राइज अकाउंट।"

ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?

इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सबसे पहले आपको संयम बरतने की जरूरत होगी और दिमाग का इस्तेमाल करना होगा। अपने फैमिली या फ्रैंड सर्किल के लिए एक कोडवर्ड सेट करे।

कोई भी ट्रांजैक्शन करने से पहले आपको कोडवर्ड का इस्तेमाल करना होगा। अगर, जेनुइन मामला होगा तो सही कोडवर्ड मिलेगा।

स्कैमर से जैसे ही आप कोडवर्ड की मांग करेंगे वो फोन डिसकनेक्ट कर देगा। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने वॉइस प्रिंट कम से कम इस्तेमाल करें ताकि साइबर अपराधी आपके आवाज की कॉपी न कर सके।

अगर, किसी भी तरह का फ्रॉड होता है तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (https://www.cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें या 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा आप संचार साथी ऐप या पोर्टल के जरिए भी ऐसे संदेह वाले मैसेज को रिपोर्ट करें।

यह भी पढ़ें - BSNL का 300 दिन वाला सस्ता प्लान, कॉलिंग डेटा समेत मिल रहे कई बेनिफिट्स

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tips and Tricks से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें टेक।