Jio अब सिर्फ टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं रहा है। रिलायंस की यह कंपनी अब एक इनोवेटर के तौर पर अपनी पहचान बना रही है। जियो ने एक ऐसी स्मार्ट वॉल टेक्नोलॉजी पेश की है, जो भविष्य में कमजोर पड़ने वाले वाई-फाई सिग्नल की दिक्कत को दूर कर देगी। यह टेक्नोलॉजी घर की दीवार को एक रिफ्लेक्टर एंटीना बना देगा, जिससे WiFi सिग्नल टकरा कर उन जगहों पर पहुंच जाएगा, जहां सिग्नल नहीं पहुंचता है।
आम तौर पर घर के कोनों में आपको WiFi की वीक सिग्नल का एक्सपीरियंस मिलता है। ऐसा सिग्नल के दीवारों से टकराकर कमजोर पड़ने की वजह से होता है। जियो ने इसका तकनीकी समाधान ढूंढ़ लिया है। कंपनी ने पिछले साल आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस के दौरान अपनी इस इंटेलिजेंट रिफ्लेक्टिंग सर्फेस यानी स्मार्ट वॉल का प्रोटोटाइप शोकेस किया था।
क्या है जियो की स्मार्ट वॉल टेक्नोलॉजी?
जियो की यह तकनीक भविष्य की 6G और मौजूदा 5G नेटवर्क को इनडोर में बेहतर तरीके से पहुंचाने का काम करेगी। जियो का यह स्मार्ट वॉल खुद कोई सिग्नल पैदा नहीं करता है, बल्कि सिग्नल को रिफ्लेक्ट कर देता है। यह घर में लगे आइने की तरह काम करेगा, जो आने वाली किरणों को दूसरी जगह रिफ्लेक्ट कर देता है। इस स्मार्ट वॉल में कई छोटे-छोटे प्रोग्रामेबल एलिमेंट्स लगे होते हैं, जो दीवारों के पार भी नेटवर्क को पहुंचा देता है।
क्या होगा फायदा?
Jio की यह टेक्नोलॉजी खास तौर पर उन एरिया में कमजोर सिग्नल की दिक्कत को दूर कर देगी। इस वॉल को लगाने के बाद टेलीकॉम ऑपरेटर्स को नए टावर लगाने की जरूरत नहीं होगी, जो बड़े खर्च को बचा देगा। साथ ही, 5G और 6G की लो रेंज को भी बूस्ट करने का काम करेगी।
यह स्मार्ट वॉल पैनल कम बिजली खर्च करके AI की मदद से सिग्नल को हर जगह पहुंचाने का काम करेगा। यह तकनीक मौजूदा टावर के नेटवर्क को मजबूत करने का काम करेगा और यूजर्स को कॉल-ड्रॉप की समस्या से निजात मिल जाएगी।
हालांकि, Jio से पहले जापान की टेलीकॉम कंपनी NTT Docomo और फ्रांस की Orange भी इसी तरह की टेक्नोलॉजी का ट्रायल कर चुकी है। जियो का यह महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट स्वदेशी 6G सर्विस और रिसर्च का अहम हिस्सा है।
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