यूपी के बदायूं में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी जितेंद्र उर्फ ढालू ढेर हो गया। ढालू जनपद में कई लूट की घटनाओं में फरार चल रहा था। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से दरोगा और सिपाही भी घायल हुए हैं। बदमाश ढालू को जिला अस्पताल में ले जाया गया था, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल दरोगा और सिपाही का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने बदमाश के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। उसके पास से कुछ जेवर और ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद हुई है।
112 दिन पहले डाली थी डकैती
मुठभेड़ सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में बदायूं-बिजनौर हाईवे बहेड़ी गांव स्थित प्रस्तावित जेल के पास हुई। दरअसल, 19 मई की रात इस्लामनगर कस्बे में निजाकत के घर एक दर्जन से अधिक बदमाशों ने 19 लाख रुपये की नगदी व जेवरात की डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के दौरान बदमाशों ने निजाकत, उनकी बहू, भतीजे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट भी की थी।
इसके बाद पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ शुरू की। 26 मई को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया था, जिनमें तीन गोली लगने से घायल हुए थे। बाद में दो अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ ढालू फरार चल रहा था। उस पर डीआईजी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

कौन था ढालू?
जितेन्द्र उर्फ ढालू ग्राम बछेड़ा थाना धौलाना जनपद हापुड का रहने वाला था। वह कुछ सालों से जनपद संभल के ग्राम जनेटा थाना बनियाठेर में रहकर लूट की वारदातो अंजाम देता था। जनपद में हुई 3 डकैती के मुकदमों में वह वांछित था। जितेन्द्र उर्फ जीतू पर पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र की तरफ से 50,000 रुपये का इनाम घोषित था। मृतक बदमाश पर लूट/डकैती के गम्भीर धाराओं के लगभग एक दर्जन मुकदमे थे। उसने गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, बदायूं आदि में घटनाओं को अंजाम दिया था।
शातिर ढालू का पुलिस ने यूं खत्म किया खेल
पुलिस को सूचना मिली थी कि ढालू बिजनौर हाईवे पर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से गुजरने वाला है। चेकिंग के दौरान पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश। इस पर ढालू ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में ढालू को गोली लग गई और वह घायल हो गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ऑटोमेटिक पिस्टल, बाइक और डकैती के जेवर बरामद
SSP अंकिता शर्मा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि इनामी बदमाश बाइक से किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में प्रस्तावित जेल के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें शेखूपुर चौकी प्रभारी नीरज और सिपाही अविनाश गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल हो गया। उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। एसएसपी के अनुसार, बदमाश पर बदायूं, संभल, अमरोहा और हापुड़ समेत विभिन्न जिलों में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उसके कब्जे से ऑटोमेटिक पिस्टल, बाइक और डकैती के कुछ जेवर बरामद किए गए हैं।
(रिपोर्ट- सौरभ शर्मा)
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