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दिन-दहाड़े धान के खेत में घुसे दो हाथी, गजमित्रों ने हाका लगाकर जंगल खदेड़ा; फसल रौंदे जाने से किसान सहमे

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Aug 05, 2026 11:49 pm IST,  Updated : Aug 05, 2026 11:49 pm IST

कातेरीनाघाट वन प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत नवीनपुरवा गांव में बीती शाम दिन-दहाड़े मल्ज्यूरिया ग्रुप के दो हाथियों का झुंड धान के खेत में घुस गया। हाथियों को फसल चरता देख ग्रामीण सकते में आ गए।

दिन-दहाड़े धान के खेत में घुसे मल्ज्यूरिया ग्रुप के दो हाथी- India TV Hindi
दिन-दहाड़े धान के खेत में घुसे मल्ज्यूरिया ग्रुप के दो हाथी Image Source : INDIA TV

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले स्थित कातेरीनाघाट वन प्रभाग में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कातेरीनाघाट के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत नवीनपुरवा गांव में बीती शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दिन-दहाड़े मल्ज्यूरिया ग्रुप के दो जंगली हाथी अचानक धान के खेतों में घुस आए। हाथियों को खेत में फसल चरते देख ग्रामीण दहशत में आ गए। 

गजमित्रों और वन विभाग की टीम ने खदेड़ा

ग्रामीणों ने तत्काल ईपीजी ग्रुप यानी गजमित्रों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गजमित्र गुरदास सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वन विभाग को खबर की। रेंजर शिव कुमार के नेतृत्व में वन रक्षक अब्दुल सलाम व अन्य कर्मचारियों की टीम गजमित्रों और ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने हाका लगाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। दिन-दहाड़े हाथियों के खेत में घुसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सेठी फार्म में हाथियों का तांडव, 4 बीघा फसल तबाह

वहीं दूसरी ओर सेठी फार्म क्षेत्र में बीती रात जंगली हाथियों ने कई किसान मीतपाल, बिहारी लाल,राजकुमार सहित अन्य किसान की लगभग 4 बीघा धान की धान की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। इससे किसान डरे-सहमे हैं। पीड़ित किसानों और ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बर्बाद हुई फसल का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। रेंजर शिव कुमार ने बताया कि गजमित्रों की टीम के साथ मिलकर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। 

कातेरीनाघाट वन

कातेरीनाघाट वन भारत में दुधवा और किशनपुर के बाघ के निवास और नेपाल में बर्दिया राष्ट्रीय उद्यान के बीच सामरिक संपर्क प्रदान करता है। इसकी नाजुक तेराई पारिस्थितिकी तंत्र में सैल और सागौन के जंगलों, प्रचुर घास के मैदानों, कई दलदलों और नलिकाओं का मोज़ेक शामिल है। यह कई लुप्तप्राय प्रजातियों का घर है, जिनमें घिरील, शेर, गेंदे, गंगा के डॉल्फिन, दलदल हिरण, हेपीड खरगोश, बंगाल फ्लोरिकन, सफेद बैकड और लंबे समय से बिल गिल्ट शामिल हैं।

(रिपोर्ट- बच्चे भारती)

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