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महाकुंभ का समापन होने के बाद भी प्रयागराज पहुंच रहे श्रद्धालु, गंगा में लगा रहे डुबकी

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Feb 27, 2025 10:39 am IST,  Updated : Feb 27, 2025 10:40 am IST

परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख चिदानंद सरस्वती ने कहा, “मेरे लिए महाकुंभ तब संपन्न होगा जब अंतिम श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा लेगा। आप कह सकते हैं कि गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने के साथ मेला समाप्त होगा।”

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संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालु Image Source : ANI

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 45 दिवसीय धार्मिक समागम महाकुंभ 2025 का समापन हो चुका है फिर भी प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का आना जारी है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित मानवता का महायज्ञ, आस्था, एकता और समानता का महापर्व महाकुंभ-2025, प्रयागराज, आज महाशिवरात्रि के पावन स्नान के साथ अपने समापन की ओर बढ़ रहा है।"

योगी आदित्यनाथ ने आगे बताया कि महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ 21 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में पवित्र डुबकी लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा, "यह विश्व इतिहास में अभूतपूर्व है - अविस्मरणीय है। यह पूज्य अखाड़ों, संतों, महामंडलेश्वरों और धर्मगुरुओं के पावन आशीर्वाद का परिणाम है कि सद्भाव का यह महासंगम दिव्य और भव्य बन रहा है और पूरे विश्व को एकता का संदेश दे रहा है।"

देश-विदेश में आकर्षण का केंद्र बना महाकुंभ

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कुंभ की ऐतिहासिक सफलता की प्रशंसा करते हुए त्रिवेणी संगम पर एकत्रित हुए लाखों लोगों का आभार व्यक्त किया।एएनआई से बात करते हुए मौर्य ने कहा, "आज महाशिवरात्रि के दिन आध्यात्मिक एकता, दिव्य ऊर्जा और अलौकिक महत्व के साथ महाकुंभ 2025 संपन्न हुआ है। 144 साल बाद महाकुंभ देश-विदेश में आकर्षण का केंद्र बना। पीएम मोदी के कुशल मार्गदर्शन में सीएम योगी के नेतृत्व में महाकुंभ को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी कदम उठाए गए।"

13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ का आयोजन

पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) पर पहले अमृत स्नान के साथ महाकुंभ मेले की शुरुआत हुई थी और 26 फरवरी को महाकुंभ का आधिकारिक समापन हो गया। इसके अलावा मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (29 जनवरी), बसंत पंचमी (3 फरवरी), और माघी पूर्णिमा (12 फरवरी) को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के संगम में डुबकी लगाई। 27 फरवरी की सुबह भी कई श्रद्धालु स्नान करने संगम पहुंचे। कुछ साधु-संतों का कहना है कि 27 फरवरी को ब्रह्ममुहूर्त के साथ महाकुंभ का समापन हुआ। संभवत: इसी वजह से 27 फरवरी की सुबह भी कई भक्त त्रिवेणी संगम पर स्नान करने पहुंचे थे। (इनपुट-एएनआई)

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