यूपी के इटावा जिले की जसवंतनगर विधानसभा सीट समाजवादी सियासत की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में से एक है। यह विधानसभा सीट लंबे समय से मुलायम सिंह यादव के परिवार का गढ़ है। 1985 से यहां लगातार मुलायम सिंह यादव का परिवार ही जीत रहा है। पहले जसवंतनगर सीट से मुलायम सिंह यादव विधायक रहे और बाद में उनके छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव लगातार MLA चुने जा रहे हैं। पिछले 3 दशकों में जसवंतनगर सीट पर BJP, BSP या कांग्रेस को एक बार भी जीत नहीं मिली है। जानिए जसवंतनगर विधानसभा सीट का सियासी इतिहास क्या है और 2027 के चुनाव में यहां क्या राजनीतिक समीकरण बनने वाले हैं।
1991 में लगातार तीसरी बार जीते मुलायम सिंह यादव
बात करें 1991 के विधानसभा चुनाव की तो जसवंतनगर के इस चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने जनता पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की थी। मुलायम सिंह यादव को 47,765 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के दर्शन सिंह यादव 30,601 वोटों पर सिमट गए थे। मुलायम सिंह यादव ने 17,164 वोटों के अंतर से यह चुनाव जीत लिया था। जान लें कि जसवंतनगर सीट से मुलायम सिंह यादव पहली बार 1967 में सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर MLA बने थे। इसके बाद, मुलायम सिंह यादव ने 1974, 1977, 1985 और 1989 में भी जसवंतनगर सीट से इलेक्शन जीता था।
जसवंतनगर सीट पर सबसे टक्कर का था 1993 का चुनाव
1993 में मुलायम सिंह यादव ने अपनी नई-नवेली पार्टी समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और 60,242 वोट पाकर कांग्रेस के दर्शन सिंह यादव को 1,161 वोटों के करीबी अंतर से हरा दिया। दर्शन सिंह यादव 59,081 वोट हासिल कर पाए थे। 1991 से 2022 के बीच हुए 8 विधानसभा चुनावों में यह सबसे करीबी मुकाबला था। दिलचस्प बात है कि 1993 के विधानसभा चुनाव में यूपी में सपा और BSP ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। 1993 के चुनाव के बाद मुलायम सिंह यादव सीएम भी बने थे।
1996 में शिवपाल सिंह यादव को मिली सियासी विरासत
विधानसभा चुनाव 1996 में जसवंतनगर सीट पर मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट बने और उन्होंने कांग्रेस के दर्शन सिंह यादव से 10,939 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। शिवपाल सिंह यादव को 68,377 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के दर्शन सिंह 57,438 वोट ही पा सके थे। इसके बाद वह जसवंतनगर सीट से लगातार चुनाव जीतते रहे। 1996 में मुलायम सिंह यादव सांसद निर्वाचित हो गए थे और केंद्र की संयुक्त मोर्चा सरकार में रक्षा मंत्री बने थे।
शिवपाल सिंह यादव 2002 में लगातार दूसरी बार जीते
विधानसभा चुनाव 2002 में सपा ने दोबारा शिवपाल सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया। उन्होंने 80,544 वोट पाकर BSP के रमेश चंद्र शाक्य को 52,989 वोटों के अंतर से मात दे दी थी। रमेश चंद्र शाक्य को 27,555 वोट मिले थे। इस चुनाव में कांग्रेस के बजाय BSP रनरअप रही थी। 1996 के मुकाबले शिवपाल सिंह यादव ने अपनी जीत का अंतर बढ़ा लिया था और वह लगातार दूसरी बार MLA बने थे। BJP इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रही थी और उसके उम्मीदवार शिवप्रसाद को 14,146 वोट मिले थे।
शिवपाल सिंह यादव ने 2007 में लगाई जीत की हैट्रिक
विधानसभा चुनाव 2007 में शिवपाल सिंह यादव ने जीत की हैट्रिक लगा दी थी। शिवपाल सिंह यादव को 73,211 वोट मिले थे, जबकि BSP के प्रत्याशी बाबा हरनारायण यादव 42,404 वोट ही हासिल कर पाए थे। इस बार जीत का अंतर 30,807 मतों का रहा था। इस विधानसभा चुनाव में यूपी में BSP की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी, लेकिन जसवंतनगर सीट SP ने जीती थी। BJP एक बार फिर तीसरे नंबर पर रही थी और उसके प्रत्याशी डॉ. राजबहादुर सिंह यादव को जनता ने 4,687 वोट दिए थे।
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वर्ष |
विजेता |
पार्टी |
वोट |
रनरअप |
पार्टी |
वोट |
जीत का अंतर |
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1991 |
मुलायम सिंह यादव |
JP |
47,765 |
दर्शन सिंह यादव |
INC |
30,601 |
17,164 |
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1993 |
मुलायम सिंह यादव |
SP |
60,242 |
दर्शन सिंह यादव |
INC |
59,081 |
1,161 |
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1996 |
शिवपाल सिंह यादव |
SP |
68,377 |
दर्शन सिंह यादव |
INC |
57,438 |
10,939 |
|
2002 |
शिवपाल सिंह यादव |
SP |
80,544 |
रमेश चंद्र शाक्य |
BSP |
27,555 |
52,989 |
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2007 |
शिवपाल सिंह यादव |
SP |
73,211 |
बाबा हरनारायण यादव |
BSP |
42,404 |
30,807 |
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2012 |
शिवपाल सिंह यादव |
SP |
1,33,563 |
मनीष यादव |
BSP |
52,479 |
81,084 |
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2017 |
शिवपाल सिंह यादव |
SP |
1,26,834 |
मनीष यादव |
BJP |
74,218 |
52,616 |
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2022 |
शिवपाल सिंह यादव |
SP |
1,59,718 |
विवेक शाक्य |
BJP |
68,739 |
90,979 |
(Source- Election Commisson Of India)
2012 में 81 हजार तक बढ़ गया शिवपाल की जीत का अंतर
2012 के विधानसभा चुनाव में शिवपाल सिंह यादव एक बार फिर जसवंतनगर सीट पर विजयी हुए थे। उन्होंने 1,33,563 वोट पाकर BSP के मनीष यादव को 81,084 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया था। मनीष यादव 52,479 वोट ही हासिल कर पाए थे। इस चुनाव में सपा ने यूपी में पूर्ण बहुमत हासिल किया था और अखिलेश यादव सीएम बने थे। बीजेपी और कांग्रेस इस चुनाव में क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रही थीं। बीजेपी के राकेश पाल को 12,708 वोट और कांग्रेस के अजय कुमार यादव गुड्डू को 8260 वोट मिले थे।
पारिवारिक विवाद के बावजूद 2017 में जीते शिवपाल सिंह यादव
2017 में विधानसभा चुनाव से पहले सपा में अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच सियासी मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। इसके बावजूद, शिवपाल सिंह यादव ने सपा के उम्मीदवार के रूप में जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ा था। शिवपाल सिंह यादव ने 1,26,834 वोट हासिल किए थे, जबकि BJP के उम्मीदवार मनीष यादव 74,218 वोट ही पा सके थे। शिवपाल सिंह यादव ने 52,616 वोटों के अंतर से ये चुनाव जीत लिया था। इस तरह शिवपाल सिंह यादव लगातार पांचवीं बार विधानसभा चुनाव में विजयी हुए थे। यह पहला चुनाव था जब BJP का प्रत्याशी इस सीट पर उपविजेता बन पाया था। बीजेपी प्रत्याशी मनीष यादव ने पिछला चुनाव BSP से लड़ा था और इस बार बीजेपी के उम्मीदवार बने थे। BSP तीसरे नंबर पर रही थी और उसके प्रत्याशी दुर्वेश कुमार शाक्य को जनता ने 24,509 वोट दिए थे।
शिवपाल सिंह यादव ने 2022 में लगाया जीत का छक्का
विधानसभा चुनाव 2022 में शिवपाल सिंह यादव फिर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। हालांकि, उस वक्त उनकी अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) भी वजूद में थी। बाद में इस पार्टी का सपा में विलय हो गया था। शिवपाल सिंह यादव ने 1,59,718 वोट पाकर BJP के विवेक शाक्य को 90,979 वोटों के भारी-भरकम अंतर से हरा दिया था। विवेक शाक्य 68,739 वोट ही हासिल कर सके थे। यह जीत वोटों के अंतर के लिहाज से जसवंतनगर सीट पर सबसे बड़ी थी। इसके साथ ही, शिवपाल सिंह यादव जसवंतनगर सीट से लगातार छठी बार विधायक बन गए थे। BSP फिर से तीसरे नंबर पर रही थी और उसके उम्मीदवार ब्रजेंद्र प्रताप सिंह को 17,515 वोट मिले थे।
यूपी चुनाव 2027 में जसवंतनगर के सियासी समीकरण?
जसवंतनगर विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी का ऐसा अभेद्य किला है, जहां से पहले मुलायम सिंह विधायक बनते रहे और उनके बाद अब लगातार 6 बार से शिवपाल सिंह MLA हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के सामने अपनी जीत के सिलसिले को बनाए रखने की चुनौती है। वहीं, BJP इस विधानसभा सीट पर अपनी पहली जीत हासिल करने की कोशिश में है। लेकिन पिछले कुछ चुनावों में सपा यहां से भारी-भरकम वोटों के अंतर से जीत रही है, इसी वजह से उसे पाटना बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। पिछले 2 विधानसभा चुनावों में BJP जसवंतनगर में उपविजेता रही, जबकि 2002, 2007 और 2012 में BSP ने यहां शिवपाल सिंह यादव को मुख्य टक्कर दी थी। जसवंतनगर के सामाजिक समीकरण की बात करें तो यहां यादव संख्या बड़ी तादाद में हैं। इसके अलावा, यहां SC वर्ग और अन्य OBC वर्गों की भूमिका भी अहम रहती है। लेकिन लंबे समय से यहां यादव मतदाता ही तय करते रहे हैं कि जसवंतनगर का विधायक कौन बनेगा।
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