लखनऊ: शहर में बिल्ली पालना अब मुश्किल काम होगा, क्योंकि नगर निगम ने नए नियम बना दिये हैं, इसके तहत अब बिल्ली पालने के लिए लाइसेंस लेना होगा। नगर निगम के नए नियम के मुताबिक बिल्ली पालने वालों को सालाना 500 रुपये देने होंगे। बिना लाइसेंस के बिल्ली पालने पर नगर निगम एक हज़ार रुपये जुर्माना लगाएगा। लाइसेंस में बिल्ली के टीकाकरण और स्वास्थ्य की पूरी जानकारी होगी। नगर आयुक्त गौरव कुमार की तरफ से बिल्ली के लाइसेंस के लिए नगर निगम की कार्यकारिणी में प्रस्ताव रखा गया था जिसे कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से पास कर दिया था।
नगर निगम का फैसला
नगर आयुक्त ने अपने प्रस्ताव में लिखा था कि 2003 से ही लखनऊ में कुत्तों को पालने के लिए लाइसेंस ज़रूरी है और अब शहर में बड़े पैमाने पर लोग बिल्ली भी पाल रहे हैं। प्रस्ताव में कहा गया था कि WHO 2030 तक रेबीज़ को ख़त्म करना चाहता है और बिल्लियों के काटने से भी रेबीज़ होने का ख़तरा रहता है।लाइसेंस से पता चल पाएगा कि बिल्ली को एंटी रेबीज़ इंजेक्शन लगा है कि नहीं और इससे नगर निगम की आय भी बढ़ेगी।
बिल्ली पालने वालों को लाइसेंस बनवाने के लिए अभी नगर निगम के ऑफिस जाना होगा। जल्दी ही लोग घर बैठे लाइसेंस के लिए अप्लाई कर पाएंगे। नगर निगम जल्दी ही ऑनलाइन लाइसेंस बनाना भी शुरू करने वाला है।
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