लखनऊ: यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स एक हफ्ते में 2 बड़े शूटर्स को मुठभेड़ में मार चुकी है। इसे स्पेशल टास्क फोर्स बड़ी सफलता मान रही है। दरअसल ये शूटर्स काफी खतरनाक थे और इन्होंने कई वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस लंबे समय से इनकी तलाश में थी।
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पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाकर उनके हथियार लूटते थे बदमाश
दरअसल बिहार का शूटर ललन सिंह बिहार से भागकर यूपी में छुपा था, ललन और उसके भाई खास तौर पर एएसआई और सब-इंस्पेक्टरों को निशाना बनाते थे और ऐसे पुलिसवालों को चुनते थे जिनके बारे में उन्हें लगता था कि वे जवाबी हमला नहीं करेंगे। ये लोग अचानक से इंस्पेक्टर पर हमला करते, फिर गोली मारते और फिर उनका सर्विस रिवॉल्वर या पिस्तौल छीनकर भाग जाते थे।
ये बदमाश, पुलिस अधिकारियों से लूटे गए हथियारों का इस्तेमाल बड़ी बैंक डकैतियों और हत्याओं में करते थे, जिससे पुलिस हथियारों की बैलिस्टिक जांच में उलझी रहे। ललन सिंह उर्फ लल्लन ने अपने भाइयों मनीष सिंह, रजनीश और अपने गैंग मेम्बर्स के साथ मिलकर 16 मार्च 2016 को बिहार के नालंदा के ASI भुवनेश्वर सिंह को गोली मारकर घायल किया था और उनकी सरकारी रिवाल्वर लूटी थी।
इन बदमाशों ने 18 अप्रैल 2016 को पटना में ASI सुरेश ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी थी और उनकी सरकारी पिस्टल लूट ली थी। 24 सितंबर 2016 को को पटना में ASI आर के चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी और उनकी सरकारी पिस्टल लूट ली थी।
बदमाशों ने 27 फरवरी 2017 को बिहार के नालन्दा में कैश वैन पर हमला कर उसके सुरक्षा गार्ड वर्जनन्दन प्रसाद सिंह और कैशियर रंजीत कुमार की हत्या कर बीस लाख रुपये लूट लिए थे। 6 मार्च 2017 को पटना में PNB बैंक के सामने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए सुरक्षा गार्ड और कैश वैन के ड्राइवर की हत्या कर दी थी और 60 लाख रुपये लेकर फरार हो गए थे।
8 सितंबर 2022 को ललन सिंह अपने भाइयों के साथ पेशी के वक्त हवालात की दीवार तोड़कर फरार हो गया था। पटना से फरार होने के बाद उसने 1 नवंबर 2022 को चंदौली में गोली मारकर मोटरसाइकिल लूटी। 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में 2015 बैच के उपनिरीक्षक अजय यादव को सीने में गोली मारी और सरकारी पिस्टल लूट ली।
कब मारे गए बदमाश?
21 नवंबर 2022 को ललन के दोनों भाई मुठभेड़ में मारे गए। ललन का एनकाउंटर 22 जून को यूपी एसटीएफ ने सहारनपुर में किया। यूपी एसटीएफ ने शनिवार को शूटर संजय को लखनऊ में मुठभेड़ में मार गिराया। संजय ने लखनऊ में दिनदहाड़े 27 मई को प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या कर दी थी। संजय अम्बेडकरनगर के खान मुबारक गैंग का मेंबर रह चुका था और उसपर एक लाख का इनाम था और 13 मुकदमे दर्ज थे।
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