1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर, विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण पर स्टे बरकरार

जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर, विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण पर स्टे बरकरार

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Aug 13, 2026 05:00 pm IST,  Updated : Aug 13, 2026 05:19 pm IST

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दायर अपील पर मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत में सुनवाई हुई है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर फिलहाल रोक रहेगी।

Jauhar university demolition- India TV Hindi
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत में सुनवाई हुई। Image Source : PTI (प्रतीकात्मक फोटो)

उत्तर प्रदेश की रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ दायर अपील पर आज (13 अगस्त को) मुरादाबाद मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद रामपुर डीएम के ध्वस्तीकरण आदेश पर मंडलायुक्त की तरफ से 27 जुलाई को लगाई गई अंतरिम रोक को बरकरार रखा गया है।

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की कार्यवाही फिलहाल रुकी

फिलहाल, जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतें बुलडोजर की कार्यवाही से बची रहेंगी। आज भी दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सुनवाई के बाद मंडलायुक्त ने अंतरिम रोक को जारी रखा है। जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण मामले में फिलहाल स्टे बरकरार है।

SDM रामपुर से मांगी गई थी रिपोर्ट

जौहर यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि मंडलायुक्त की तरफ से जो SDM रामपुर से रिपोर्ट मांगी गई थी, अभी वो रिपोर्ट भी नहीं आई है। वहीं, रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिवक्ता ने कहा कि आज कुछ बिंदुओं पर बहस हुई, जो रिपोर्ट मंगवाई गई थी वो अधूरी आई थी। इसलिए उसे वापस कर दिया गया है। अभी कोई तारीख नहीं लगी है।

जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में 38 इमारतों को गिराने का है प्रस्ताव

गौरतलब है कि ये मामला रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को गिराने के प्रपोजल से जुड़ा हुआ है। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और यूपी सरकार के पूर्व मंत्री आजम खान ने की थी। रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने उत्तर प्रदेश शहरी योजना और विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत इन्हें गिराने का ऑर्डर दिया है।

बिना भवन योजना की मंजूरी के बनाई गई थीं इमारतें

अथॉरिटी का आरोप था कि ये इमारतें भवन योजना के मंजूरी के बिना बनाई गई थीं। मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने 27 जुलाई को गिराने के प्रपोजल पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बाद में 3 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान इस अंतरिम सुरक्षा को 10 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया गया था। जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा सपा मुखिया अखिलेश यादव भी उठा चुके हैं। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों के नाम खुला खत लिखा था।

(इनपुट- राजीव शर्मा/भाषा)

ये भी पढ़ें- जिस IAS अफसर को आजम खान ने कहा था 'तनखैय्या', वही करेगा जौहर यूनिवर्सिटी के भविष्य का फैसला!

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।