उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी वाहनों को प्रवेश दिलाने के बदले पैसे लेते नजर आ रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने वाहनों को प्रवेश दिलाने के बदले पैसे लिए। वीडियो सामने आने के बाद जब मामले की जांच हुई, तो दो अलग-अलग तथ्य सामने आए। जांच के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने थाना वृंदावन के दो हेड कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है।
मजदूर-ठेकेदार के बीच भुगतान का मामला
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले वीडियो की जांच में पता चला कि उसमें दिख रहा पैसे का लेन-देन कोई अवैध वसूली नहीं थी। यह मामला एक मजदूर और ठेकेदार के बीच भुगतान का था, जिसे पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में निपटाया गया था। दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता भी किया गया था।
संदिग्ध पाई गई पुलिसकर्मियों की भूमिका
हालांकि, दूसरे वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसमें थाना वृंदावन के हेड कांस्टेबल राजकुमार और ट्रैफिक हेड कांस्टेबल नरसिंह शामिल थे। जांच में पता चला कि कुछ लोगों ने पर्स से पैसे निकालकर एक बस को वहां से जाने की अनुमति ली। इस वजह से एसएसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर दिया। पुलिस प्रशासन ने बताया कि मामले की पूरी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मामले की जांच जारी
क्षेत्राधिकारी सदर प्रीतम पाल सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो की गंभीरता को देखते हुए मामले की पूरी तरह से जांच कराई गई। जांच में जो तथ्य सामने आए, उसके आधार पर ही संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की विशेष जांच अभी जारी है और इसका उद्देश्य पूरी तरह से सच सामने लाना है।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी तरह की शिकायत या संदिग्ध घटना के बारे में वे सीधे पुलिस कंट्रोल रूम या स्थानीय थाना को सूचित करें। इस तरह की पहल से गलत कार्यों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है।
(रिपोर्टर- एम एस शर्मा)
ये भी पढ़ें-
ओडिशा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 755 नए पदों को मंजूरी, किस विभाग में होंगी कितनी भर्तियां?
MP में अब 2 से ज्यादा बच्चे होने पर भी मिलेगी सरकारी नौकरी, CM मोहन यादव ने निरस्त किया पुराना नियम