यूपी के मिर्जापुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव शंकर यादव ने ब्राह्मणों को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है। शिव शंकर यादव ने कहा कि शादी-विवाह और कर्मकांड कराने वाले पंडित जो मंत्र बोलते हैं वह एक तरह से गाली है। शिव शंकर यादव के विवादास्पद बयान का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिस पर उन्होंने सफाई दी है और इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया है।
शादी में बोले जाने वाले श्लोक एक तरह से गाली हैं
सपा नेता शिव शंकर यादव ने कहा कि हमने भी इसका अध्ययन किया है। शादी में जितने भी श्लोक बोले जाते हैं, वे एक तरह से गाली ही हैं। वे बिल्कुल गाली हैं, जिसे कोई जानता नहीं है। एक तो वे आधा-अधूरा बोलते हैं। यदि यहां कोई पंडित जी हों, तो बुरा मत मानिएगा। पंडित जी आधा मंत्र ही बोलते हैं और वह मंत्र भी आपको सुनाई नहीं देगा। वे बुदबुदाते हुए 'घिर-घिर' करते रहेंगे और फिर कहेंगे, यहां 101 रुपये रख दो। तो यह सब परंपरा पूरी तरह गलत है। संसार में जो आदमी आया है, उसे जाना ही पड़ेगा। ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं कह सकता कि 'मैं नहीं जाऊंगा'। और जो यह कहेगा कि 'मैं नहीं जाऊंगा', वह सबसे पहले जाएगा।
शिव शंकर यादव ने अखिलेश से जुड़ा किस्सा भी सुनाया
शिव शंकर यादव बोले कि समाज में फैली इन परंपराओं को हमारे इलाके के कई गांवों में हम लोगों ने बंद करवाया है। कई पूरे के पूरे गांव इसमें शामिल हैं। इसमें रामकिशुन भाई, जो चंदौली के पूर्व अध्यक्ष और सांसद रहे हैं, उनका भी इस दिशा में बहुत सहयोग रहा। अभी बनारस में, वहां के जिलाध्यक्ष लक्कड़ पहलवान हैं। उनका एक और नाम भी है सुजीत यादव। उन्होंने कार्ड छपवा लिया था। जब वे कार्ड लेकर मेरे पास आए, तो मैंने कहा, "तेरहवीं मत कीजिए।" इस पर उन्होंने एक शर्त रख दी। उन्होंने कहा, "अगर तेरहवीं के कार्यक्रम में अखिलेश आ जाएं, तो हम यह परंपरा नहीं करेंगे।"
उस हवन में एक भी ब्राह्मण नहीं था
सपा नेता आगे बोले कि मैंने उनसे कहा, "तो फिर तेरहवीं का नाम ही क्यों ले रहे हो?" तब उन्होंने कहा, "ठीक है, हम तेरहवीं नहीं करेंगे।" इसके बाद मैंने अखिलेश से बात की और बताया कि हमारा मामला फंस गया है। अगर आप वहां समय दे दें, तो वहां इस परंपरा को मजबूती से रोका जा सकता है क्योंकि मामला जिलाध्यक्ष का है, आपके बनाए हुए जिलाध्यक्ष का मामला है। तो अखिलेश ने कहा, "मैं जरूर आऊंगा।" और उन्होंने बहुत शानदार व्यवस्था की थी। उन्होंने जो हवन कुंड बनवाया था और जो हवन कराने का कार्य कर रहे थे, उनमें एक भी ब्राह्मण नहीं था। बल्कि उनमें अधिकांश लोग पटेल समाज से थे। और वहां भी उस अध्यक्ष ने कहा कि इसमें पूरी तरह PDA दिखता है। अखिलेश आए, लगभग 10-20 मिनट बैठे, हवन में शामिल हुए और फिर सभी लोगों से मिले।
वायरल वीडियो को शिव शंकर यादव ने बताया साजिश
हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद ब्राह्मण समाज की तरफ से विरोध होने पर सपा नेता शिव शंकर यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह वीडियो एडिट करके उनकी छवि खराब करने के लिए बनाया गया है। उधर, मुरादाबाद में सपा नेता इकबाल इंजीनियर ने अभद्र नारेबाजी की। उन्होंने रामलीला मैदान के लिए कूच करते वक्त आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।
(इनपुट- मेराज खान)
ये भी पढ़ें- 'सपा ने 1500 दंगे करवाए', गोरखपुर से CM योगी ने साधा निशाना, किसानों के लिए किया बड़ा ऐलान