मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश इंसान और वन्यजीवों के बीच होने वाले संघर्ष को 'आपदा' घोषित करने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को कम करने के लिए जागरूकता और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को लखनऊ में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के नए मुख्यालय भवन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
4000 से अधिक लोगों की हुई मौत
सीएम योगी ने बताया कि राज्य में अब तक इंसान और जानवरों के टकराव में 4000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि प्राकृतिक आपदाओं में 5,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि समय रहते चेतावनी और लोगों को जागरूक करके इन घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।
मगरमच्छ हमले में 12 वर्षीय बच्चे की मौत
योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बहराइच में मगरमच्छ के हमले में 12 वर्षीय बच्चे की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि यदि लोगों को पहले से जोखिम वाले इलाकों की जानकारी हो और आवश्यक सावधानियां बरती जाएं तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ आमतौर पर 3 से 5 किलोमीटर के दायरे में ही रहते हैं, इसलिए ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर लोगों को पहले से सतर्क करना जरूरी है।
2 सालों में 80 तेंदुओं का रेस्क्यू
मुख्यमंत्री ने बिजनौर में पिछले दो सालों में 80 तेंदुओं के रेस्क्यू का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के अनुसार तेंदुओं की संख्या बढ़ने के साथ वे गन्ने के खेतों में अधिक दिखाई दे रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग उन्हें 'शुगर लेपर्ड' कहने लगे हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को इन जोखिम वाले क्षेत्रों की जानकारी होगी तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
बिजली गिरने से एक ही दिन में 111 से अधिक की मौत
योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक आपदाओं, विशेष रूप से आकाशीय बिजली और अचानक आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकने में तकनीक की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एक बार तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं में एक ही दिन में 111 से अधिक लोगों की मौत के बाद सरकार ने तकनीक आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम को मजबूत करने का फैसला लिया।
उन्होंने सहारनपुर के शाकंभरी देवी मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि समय पर मिले अलर्ट के कारण हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और कुछ ही देर बाद शिवालिक पहाड़ियों से आई तेज जलधारा के बावजूद बड़ी जनहानि टल गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समय पर चेतावनी नहीं मिलती तो सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी।
सीएम योगी की अपील, बढ़ाई जाए जनजागरुकता
सीएम योगी ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूर्व तैयारी, प्रशिक्षण और जनजागरूकता इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों और कॉलेजों में आपदा प्रबंधन को लेकर नियमित प्रशिक्षण दिया जाए तथा शिक्षकों और छात्रों को विभिन्न आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार 45,000 होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर रही है और इसमें प्रशिक्षित 'आपदा मित्रों' को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही सभी होमगार्ड को भी अनिवार्य रूप से 'आपदा मित्र' प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आपदा के समय सबसे पहले राहत पहुंचाने वाले फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
मुख्यमंत्री ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के नए मुख्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने प्राधिकरण की नई वेबसाइट लॉन्च की और परिसर में आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
17 नगर निगमों को SDMA के सब-सेंटर में किया जाए विकसित
अपने संबोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ऐसा राज्य बनाना है, जो हर प्रकार की आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हो। उन्होंने अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने, जिला, तहसील, थाना, विकासखंड और नगर निकाय स्तर पर नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने तथा सभी 17 नगर निगमों को SDMA के सब-सेंटर के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। (इनपुट- पीटीआई)
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