पीएम किसान सम्मान निधि में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद और कन्नौज जिलो में बड़ा घपला सामने आया है। यहां फायदे लेने के लिए पात्र किसानों ने अपने परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम भी लाभ लेने के लिए फॉर्म भरवा दिए। अब सत्यापन में सारी घपलेबाजी सामने आ रही है। फर्रुखाबाद में 147 तो कन्नौज में 61 नाबालिग किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। अब इनकी निधि पर रोक लगा रिकवरी की तैयारी की जा रही है।
साल 2019 में शुरू की गई थी किसान सम्मान निधि
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले किसान सम्मान निधि स्कीम लागू की थी। योजना का मकसद गरीब किसानों को हर साल 3 किश्तों में 6000 रुपये देना था, जिससे किसान को फसल बुवाई में कुछ मदद मिल सके, लेकिन इसमें भी लाभार्थियों ने ज्यादा निधि लेने के लिए फर्जीबाड़ा कर दिया। कृषि मंत्रालय ने फर्जीबाड़े की कई शिकायतों के बाद सत्यापन शुरू कराया तो फर्रुखाबाद जिले के 4 हजार से ज्यादा ऐसे किसान सामने आये हैं, जिनकी ई केवाईसी पूरी तरह अपडेट नहीं है। किसी के आधार खाते से लिंक नहीं है तो किसी की खतौनी नहीं जमा है। फर्रुखाबाद में तो 8 साल की बच्ची भी किसान सम्मान निधि का लाभ ले रही थी। जांच में फर्जीबाड़ा सामने आया तो सभी 4 हजार 297 किसानों की सम्मान निधि रोक दी गई। फर्रुखाबाद प्रशासन इस मामले में सम्मान पाने वाले फर्जी लाभार्थियों से रिकवरी की तैयारी कर रहा है।
कन्नौज जिले में भी जमकर की गई घपलेबाजी
फर्जीबाड़े में फर्रुखाबाद काटकर बनाया गया उसका पड़ोसी जिला कन्नौज और ज्यादा आगे है। यहां साल 2019 से 2 लाख 26 हजार 601 किसान समान निधि पा रहे हैं। 23 किश्तों में इन्हें अब तक लगभग 1 हजार 41 करोड़ रुपये सम्मान निधि के रूप में दिए जा चुके हैं। यहां कृषि विभग ने ग्राम स्तर तक सत्यापन कराया तो 40 हजार 823 ऐसे किसान चिन्हित हुए जिनमें 61 नाबालिग हैं। इसके अलाव कई की ई केवाईसी, लैंड सीडिंग या बैंक खाता आधार से लिंक नहीं हुआ हैं। कहीं कहीं तो एक ही परिवार के दो सदस्य या पति पत्नी सालों से किसान सम्मान निधि पा रहे हैं, जबकि नियम है कि परिवार का एक ही सदस्य किसान सम्मान निधि पा सकता है। सत्यापन में खामियां सामने आने के बाद कृषि विभाग ने सभी की अगली किश्त पर रोक लगा दी है।
अब विभाग कर रहा है रिकवरी की तैयारी
डीडी कृषि कन्नौज संतोष कुमार का कहना है कि जिनकी नियम प्रक्रिया पूरी नहीं है, वह उसे जल्दी पूरी करा लें। साथ ही फर्जीबाड़ा कर लाभ लेने वालों की अगली किश्तों पर रोक लगाने की भी तैयारी है। कृषि अधिकारी फर्जी निधि पाने वालों के पात्र सदस्यों की भी किश्ते, दी गयी राशि पूरी न होने तक रोके रखे जाने की भी बात कह रहे हैं। फर्जीबाड़ा कर निकाली गई रकम की रिकवरी के लिए यह रास्ता भी कृषि विभाग निकाल रहा है।
फर्रुखाबाद से सुरजीत कुशवाहा की रिपोर्ट
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