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यूपी से हैरान करने वाली खबर, जिस महिला को मृत समझकर किया था अंतिम संस्कार, वो 5 साल बाद जिंदा लौटी

 Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Sep 13, 2026 01:06 pm IST,  Updated : Sep 13, 2026 01:50 pm IST

यूपी के महाराजगंज में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को मृत समझकर अंतिम संस्कार किया गया था लेकिन वो 5 साल बाद जिंदा लौट आई।

Maharajganj- India TV Hindi
महाराजगंज Image Source : REPORTER INPUT

महाराजगंज: यूपी के महाराजगंज से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस मामले को जिसने सुना, वह हैरानी जता रहा है। क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि जिस मृत महिला का विधि-विधान पूर्वक अंतिम संस्कार कर दिया गया हो वह पूरे पांच साल बाद अचानक जिंदा होकर अपने घर लौट आए? ​

सुनने में यह किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के महराजगंज के सोनौली कोतवाली पुलिस ने ऐसा कारनामा कर दिया है कि जिसकी चर्चा अब हर जगह हो रही है। दरअसल सोनौली कोतवाली क्षेत्र के कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव में रहने वाली एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला जिसका नाम इसरावती है, 5 वर्ष पहले लापता हो गई थी। 

परिजनों ने गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन कई महीनो तक कोई सुराग नहीं मिला। फिर अचानक पुलिस द्वारा एक क्षत-विक्षत शव को परिवार वालों से शिनाख्त करवाकर सुपुर्द कर दिया गया और परिवार वालों ने उस शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।

लेकिन 5 सालों के बाद अचानक वो गुमशुदा महिला अपने घर सकुशल लौट आई। इस घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया और सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर पांच साल पहले पुलिस ने जिस शव को परिजनों को सौंप कर अंतिम संस्कार करवा दिया था वह किसका शव था?

इसरावती को लेकर उठ रहे पुलिस पर सवाल

इसरावती का 5 साल पहले पुलिस ने शव बरामद कर परिजनों से अंतिम संस्कार करवा दिया था, परिजनों ने तो इन्हें मृत मानकर सारी यादों को भी धीरे-धीरे भुला ही दिया था। सोनौली पुलिस की लापरवाही और गैर जिम्मेदराना हरकत का ​मामला तब खुला, जब मुंबई की एक संस्था के लोग इसरावती को लेकर उसके घर पहुंचे। 

परिजनों के मुताबिक, पांच साल पहले इसरावती घर से गायब हो गई थी। इसी दौरान कोल्हुई थाना क्षेत्र के खेत में क्षत-विक्षत एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसे पुलिस ने इसरावती के घर वालों को बुलाकर कपड़ों के आधार पर उस शव को सुपुर्द कर दिया था, परिवार वालों ने इसरावती का ही शव मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।

​फिलहाल, इसरावती के जिंदा लौटने से जहां एक तरफ परिवार में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस विभाग के अफसरों से सवाल है कि जिस महिला का अंतिम संस्कार करवा दिया गया वह कौन थी? क्या वह मृत्त महिला किसी अपराध का शिकार थी? जिसकी मौत को पुलिस ने रफा-दफा कर दिया, सवाल बहुत है, अब देखना यह होगा की सोनौली पुलिस की इस लापरवाही का संज्ञान उच्चाधिकारी किस तरह से लेंगे? क्या कार्यवाही करेंगे? यह एक अहम सवाल है?

इससे पहले भी एक चौंकाने वाला मामला यूपी से सामने आ चुका है। तेरहवीं के एक दिन बाद घर लौटा बेटा तो जिंदा देख लिपटकर रोने लगी मां। लेकिन इस मामले में भी यही सवाल उठा कि फिर परिजनों ने आखिर किस शव का अंतिम संस्कार किया था? (रिपोर्ट- महाराजगंज से विनय कुमार नायक की रिपोर्ट)

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