लखनऊ की CBI कोर्ट ने अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव को 20 साल पुराने अपहरण मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट में अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर पाया। बबलू पर कोलकाता के नामी होटल के मालिक के अपहरण की साजिश रचने का आरोप था। आरोप था कि नैनी जेल में बंद रहते हुए बबलू ने अपहरण की साजिश रची और गैंग ऑपरेट किया। बबलू के वकील जीशान अल्वी की दलीलों के बाद अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
अपहरण के अन्य मामले में भी हो चुके हैं बरी
इससे पहले जुलाई 2024 में उत्तर प्रदेश की एक कोर्ट ने 2015 में फिरौती के लिए जौहरी पंकज महिंद्रा के अपहरण के मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव को बरी कर दिया था। अदालत ने अपहरण के इस मामले में बबलू के एक भतीजे संकल्प श्रीवास्तव को भी बरी कर दिया था। जौहरी पंकज महिंद्रा का 5 सितंबर 2015 को शहर से अपहरण कर लिया गया था और अपहरणकर्ताओं ने उनकी रिहाई के लिए 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। इस संबंध में पंकज महिंद्रा के भाई ने प्रयागराज के कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई थी। बाद में, STF की एक टीम ने फतेहपुर जिले के सोथर थाना क्षेत्र में स्थित एक फार्म हाउस से पंकज महिंद्रा को सुरक्षित बचा लिया था।
डॉन बबलू श्रीवास्तव कौन है?
डॉन बबलू श्रीवास्तव कभी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का साथी हुआ करता था, लेकिन बाद में वह उसका दुश्मन बन गया। उसे सिंगापुर में पकड़ा गया और 1995 में भारत लाया गया। उस पर हत्या और अपहरण के 42 मामले दर्ज थे। वह अभी भी जेल में बंद है।
पुलिस ने 825 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन लौटाए
वहीं, पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने ग्रामीण जोन और ट्रांस हिंडन जोन में चलाए गए अभियान के तहत चोरी, लूट, स्नैचिंग और गुम हुए कुल 825 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। इन फोन की अनुमानित कीमत करीब 1.70 से 1.75 करोड़ रुपये बताई गई है।
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