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अमित शाह के बयान पर ललितेशपति त्रिपाठी का पलटवार, बोले- नेताओं को होता है एक्सप्रेस वे का फायदा, आम लोगों को नहीं

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : May 23, 2024 12:03 pm IST,  Updated : May 23, 2024 12:03 pm IST

भदोही से टीएमसी के उम्मीदवार ललितेशपति त्रिपाठी ने कहा कि अमित शाह के पास विकास के मुद्दे नहीं हैं। इसलिए ये लोग पाकिस्तान और पीओके जैसे मुद्दे पर बात कर रहे हैं। क्योंकि इन्होंने जो विकास कराया है, वह इस देश के सर्वाधिक लोगों का विकास नहीं है।

Union Home Minister Amit Shah remark on the PoK issue TMC candidate from Bhadohi Lok Sabha seat Lali- India TV Hindi
अमित शाह के बयान पर ललितेशपति त्रिपाठी का पलटवार Image Source : TWITTER

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर 5 चरणों का मतदान समाप्त हो चुका है। छठे चरण के लिए मतदान किया जाना है। 25 मई को छठवें चरण के लिए मतदान किया जाएगा। इस दौरान 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 58 सीटों पर मतदान किया जाएगा। इस बीच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा बयान दिया गया था। इस बीच भदोही से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार ललितेशपति त्रिपाठी ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विकास के एजेंडे पर इन्हें समर्थन नहीं मिल रहा है। क्योंकि इन्होंने जो विकास इन्होंने कराया है, वह इस देश के सर्वाधिक लोगों का विकास नहीं है। 

अमित शाह के बयान पर क्या बोले ललितेशपति त्रिपाठी

उन्होंने कहा कि आप पूर्वांचल में एक्सप्रेस वे बेच रहे हैं। पूर्वांचल में गाड़ी रंखने वालों की संख्या ही 5-6 फीसदी है। इतनी सी चारपहिया वाहन मालिकों की आबादी के लिए 21 हजार करोड़ का हाईवे बनाया। मानते हैं कि बाद में वो चारपहिया वाहन खरीदेंगे तो उन्हें इस हाईवे की जरूरत पड़ेगी। पूर्वांचल में इस एक्सप्रेसवे या हाईवे का फायदा नेताओं और अधिकारियों को होता है। आम जनता को 6 लेन एक्सप्रेस वे का लाभ नहीं होता है, जितना इनकी गांव की सड़क को बनाने में होता है। उन्होंने कहा कि उन्हें विकास के मुद्दे पर जवाब नहीं देना है, इसलिए इस तरह के मुद्दे उठाते हैं।

ध्यान भटकाने का काम कर रही भाजपा

ललितेशपति त्रिपाठी ने कहा कि देश की सरकार के हाथ में ही नहीं पीओके को ले लेना। अगर सरकार ऐसा ऐलान भी कर रही है तो किसी देश के साथ या जो हिस्सा कभी भारत का अंग था, जो कहीं न कहीं विवादित है, आप युद्ध का ऐलान कर रहे हैं। ये राजनैतिक मंच से ऐलान नहीं हो सकता है। भाषण में ये ऐलान नहीं हो सकता है। अगर आप युद्ध करना चाहते हैं तो उसकी एक व्यवस्था करनी होगी। मुझे नहीं लगता है कि देश के पास इतने संसाधन हैं कि एक लंबे युद्ध में देश जाए। यहां के नौजवान रोजी-रोटी, महंगाई के दबाव में है, जिसके लिए परिवार संघर्ष कर रहा है। सभी चीजों का दाम बढ़ गया है। इस तरफ ध्यान न जाए, इसलिए इस तरह के मुद्दे ये लोग सामने रख रहे हैं। 

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