शामली: यूपी के शामली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 12वीं क्लास के छात्र की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप क्लास के ही 2 छात्रों पर है, जोकि घटना के बाद से फरार चल रहे हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस ने बताया कि शामली में रविवार शाम को एक विवाद के बाद 2 लड़कों ने एक 18 वर्षीय छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान कक्षा 12 के छात्र अरशद के रूप में हुई है।
शामली के पुलिस अधीक्षक एन पी सिंह ने बताया कि अरशद हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी छात्रों की पहचान कर ली गई है और वे फरार हैं। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम बनाई गई है। एहतियात के तौर पर गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्कूल के बच्चों में बढ़ रही हिंसा की मानसिकता
गौरतलब है कि देश में आए दिन स्कूलों में इस तरह के विवादों से जुड़ी खबरें सामने आती हैं, जिसमें स्कूली छात्रों द्वारा अपने ही साथी की हत्या कर दी जाती है। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर क्यों स्कूल के बच्चे इतने हिंसक हो रहे हैं? आखिर ऐसा क्या है जो बच्चों में इस तरह की आक्रामकता को बढ़ावा दे रहा है?
जानकार मानते हैं कि एक्सट्रीम हिंसा वाली मूवीज और सोशल मीडिया पर अल्फा मेल की अवधारणा को बल मिलने से भी इस तरह की आक्रामकता बच्चों के दिमाग में पनप रही है। ये अवधारणा न केवल बच्चों को मानसिक रूप से हिंसक बना रही है बल्कि उनका भविष्य भी चौपट कर रही है।
शामली का ये मामला इसी तरह का उदाहरण है। एक तरफ 12वीं क्लास के छात्र की मौत ने उसके परिवार के सपनों को तोड़ दिया, वहीं फरार छात्रों का भी आगे का जीवन अंधकारमय ही है क्योंकि जेल उनका इंतजार कर रही है। ऐसे में छात्रों को समझना होगा कि हिंसा किसी भी विवाद को सुलझाने का सही माध्यम नहीं है।