लखनऊ: यूपी के लखनऊ में डबल डेकर बस पलटने से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर है और 2 दर्जन लोग घायल हुए हैं। ये बस लुधियाना से दरभंगा जा रही थी।
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क्या है पूरा मामला?
लुधियाना(पंजाब) से दरभंगा(बिहार) जा रही बस यूपी के लखनऊ में पलट गई है। इस हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर सामने आई है और 2 दर्जन घायल हुए हैं। ये हादसा लखनऊ के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर गोसाईगंज में हुआ है।
कैसे हुआ हादसा?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये हादसा बस ड्राइवर को नींद आ जाने की वजह से हुआ है।
लखनऊ संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत ने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात घायल यात्रियों का इलाज सुनिश्चित करना है। यहां लाए गए 31 घायल यात्रियों में से 5 की मौत हो चुकी है। 17 घायलों को उच्च चिकित्सा केंद्र, केजीएमयू, ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया गया है। मामूली रूप से घायल लोगों को यहां चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है और फिर उन्हें उनके गंतव्य स्थान पर भेजा जा रहा है... इसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
जनवरी में झारखंड में भी हुआ था बड़ा हादसा
झारखंड के लातेहार में भी जनवरी 2026 में बड़ा हादसा हुआ था। यहां एक बस के पलट जाने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। दरअसल लातेहार में बारातियों को ले जा रही एक बस पलटने से 9 लोगों की मौत हो गई थी और 80 लोग घायल हो गए थे।
हादसा लातेहार के ओरसा घाटी में हुआ था। यहां छत्तीसगढ़ से बाराती झारखंड के लातेहार जा रहे थे लेकिन ओरसा घाटी के पास बस हादसे का शिकार हो गई। इस घटना को लेकर एसपी का बयान भी सामने आया था।
एसपी कुमार गौरव ने बताया था, ‘‘छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर बस लातेहार के महुआडांड़ आ रही थी। बस पलट गई और पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में से चार महिलाएं शामिल हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।’’ वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हुई और गुमला सदर अस्पताल में भी दो लोगों की मौत हुई। गुमला के सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि नौ घायलों को यहां के सदर अस्पताल में रेफर किया गया था जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया।
गौरतलब है कि बीते कुछ समय से बस हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। कई बार बस ड्राइवर लापरवाही करते हैं और कई बार अन्य वाहन चालकों की वजह से बस हादसे का शिकार होती हैं। जिनमें जान आम नागरिकों की जाती है। बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।