उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में भाजपा की सेवा ज्योति संकल्प कलश यात्रा के दौरान यातायात नियमों को लेकर दिलचस्प तस्वीर सामने आई। गोविंद नगर विधानसभा से भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी खुद बुलेट चलाते हुए बिना हेलमेट नजर आए। मामला सामने आने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने उनका ₹1000 का चालान किया। विधायक ने भी इसे अपनी गलती माना और जुर्माना जमा कर दिया। उनका कहना है कि विधायक होने का मतलब कानून से ऊपर होना नहीं है। 7 अक्टूबर को भाजपा की ओर से सेवा ज्योति संकल्प कलश यात्रा निकाली गई। फूलबाग में यात्रा के संगमन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दोपहिया वाहनों से पहुंचे। यात्रा के दौरान गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी भी बाइक लेकर शामिल हुए। इसी दौरान विधायक बिना हेलमेट बाइक चलाते कैमरे में कैद हो गए। यातायात पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए बिना हेलमेट वाहन चलाने पर उनका ₹1000 का चालान कर दिया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विधायक ने चालान की राशि भी जमा कर दी है।
हेलमेट था, लेकिन लगाना भूल गया
कानपुर में गोविंद नगर विधानसभा से भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी ने अपनी सफाई में कहा कि उनके पास हेलमेट था, लेकिन यात्रा के दौरान उसे पहनना भूल गए। उन्होंने इसे अपनी गलती बताते हुए कहा कि पुलिस ने नियम के मुताबिक कार्रवाई की और उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान वह कुछ समय के लिए बाइक चला रहे थे और इसी दौरान हेलमेट नहीं लगा था। ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्होंने ₹1000 का जुर्माना जमा कर दिया।
विधायक हैं, कानून से ऊपर नहीं
चालान को लेकर विधायक ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुशासित कार्यकर्ता हैं। उनके मुताबिक कानून सभी के लिए बराबर है और जनप्रतिनिधि होने का मतलब यह नहीं कि नियमों से छूट मिल जाए, मैथानी ने कहा कि जिस तरह आम नागरिक का यातायात नियम तोड़ने पर चालान होता है, उसी तरह उनका भी हुआ। उन्होंने आगे बिना हेलमेट बाइक नहीं चलाने की बात कही।
रैली में कई बाइक सवार बिना हेलमेट दिखे
विधायक के चालान के बीच रैली की तस्वीरों और वीडियो में कई अन्य बाइक सवार भी बिना हेलमेट नजर आए। यही वजह है कि अब चर्चा सिर्फ विधायक के चालान तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी उठ रहा है कि बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों के साथ निकली राजनीतिक यात्रा में यातायात नियमों के पालन को लेकर आयोजकों की ओर से क्या व्यवस्था की गई थी, यात्रा से पहले यातायात पुलिस ने कार्यक्रम को देखते हुए फूलबाग क्षेत्र में डायवर्जन भी लागू किया था। यानी आयोजन के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस की तैयारी पहले से थी।
अब बाकी बिना हेलमेट बाइक सवारों पर भी नजर
विधायक का चालान होने के बाद अब निगाह इस बात पर है कि रैली के दौरान बिना हेलमेट बाइक चलाते दिखाई दिए अन्य लोगों पर भी यातायात पुलिस कार्रवाई करती है या नहीं। अगर नियम सभी के लिए समान हैं, तो कार्रवाई का दायरा भी उसी आधार पर तय होने की उम्मीद की जा रही है। विपक्ष की ओर से इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। कुछ नेताओं की ओर से विधायक के चालान और उसे सार्वजनिक किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, विधायक का पक्ष साफ है कि गलती हुई थी, इसलिए चालान हुआ और उन्होंने जुर्माना भर दिया। दरअसल इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यही है कि राजनीतिक रैली के दौरान नियमों के पालन का मुद्दा सामने आया और कार्रवाई सीधे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर हुई। अब यह देखना होगा कि ट्रैफिक पुलिस आगे रैली में नियम तोड़ने वाले अन्य बाइक सवारों के खिलाफ भी कार्रवाई करती है या नहीं।
(रिपोर्ट - अनुराग श्रीवास्तव)
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