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पांडु नहर में बाढ़ के पानी में बही कार, 200 मीटर दूर मिले दो दोस्तों के शव; 24 घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Sep 09, 2026 07:44 am IST,  Updated : Sep 09, 2026 07:44 am IST

कानपुर में सचेंडी थाना क्षेत्र में पांडु नदी के बढ़े जलस्तर के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया जिसमें बाढ़ के पानी से डूबी सड़क को पार करने की कोशिश में टाटा पंच कार तेज बहाव की चपेट में आकर नहर में बह गई और इसमें सवार दो युवकों की डूबने से मौत हो गई।

The deceased Deepak and Ankit- India TV Hindi
मृतक दीपक और अंकित। Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सचेंडी थाना क्षेत्र में पांडु नदी के बढ़े जलस्तर के बीच सोमवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। बचऊपुर गांव के पास बाढ़ के पानी से डूबी सड़क को पार करने की कोशिश में टाटा पंच कार तेज बहाव की चपेट में आकर नहर में बह गई। कार में सवार दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद 8 सितंबर को दोनों के शव कार से करीब 200 मीटर दूर बरामद किए गए। क्रेन की मदद से कार को भी पानी से बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान सुरार गांव निवासी दीपक पाण्डेय उम्र 30 साल और ठठिया, रूरा निवासी अंकित कमल उम्र 28 साल के रूप में हुई है। दोनों सोमवार रात कार से घर से निकले थे और देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो दोनों फोन बंद मिले। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश करने के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो 8 सितंबर की दोपहर परिजन सचेंडी थाने पहुंचे और दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तलाश तेज की तो बचऊपुर गांव के पास बाढ़ के पानी में कार बहने की जानकारी सामने आई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

रात करीब 8 से 9 बजे का वक्त, बाढ़ में डूबी सड़क से कार निकालने की कोशिश

कानपुर में पांडु नदी में हुई इस घटना को लेकर बताया जा रहा है कि सोमवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच दोनों युवक टाटा पंच कार से बचऊपुर गांव से भौतीखेड़ा की तरफ जा रहे थे। जिस रास्ते से दोनों गुजर रहे थे, वह पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूबा हुआ था। पानी का बहाव तेज था, इसके बावजूद दोनों ने कार से पानी पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान तेज बहाव की चपेट में आने से कार का संतुलन बिगड़ा और देखते ही देखते कार पानी में बह गई। दोनों युवकों ने कार से निकलने की कोशिश की या हादसे के बाद किस तरह पानी में बहे, इसकी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस और प्रशासन इसी कड़ी को जोड़ने में जुटा है। जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक सोलर का कारोबार करते थे। सोमवार को अपना काम निपटाने के बाद एक युवक अपने दोस्त को छोड़ने के लिए कार से जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में बाढ़ का पानी उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।

देर रात तक घर नहीं पहुंचे तो परिवार ने शुरू की तलाश, मोबाइल भी बंद मिले

हादसे के बाद दोनों युवक देर रात तक घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। पहले परिजनों ने अपने स्तर पर दोनों की तलाश शुरू की। मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों के फोन बंद मिले। रिश्तेदारों और परिचितों से भी जानकारी ली गई, मगर कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। परिवार को किसी अनहोनी की आशंका होने लगी। 8 सितंबर को परिजन सचेंडी थाने पहुंचे और दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के बाद तलाश के लिए टीमें लगाईं और आसपास के इलाके में जानकारी जुटानी शुरू की। इसी दौरान घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दोनों युवक कार से जाते हुए दिखाई दिए, लेकिन वापस लौटते हुए नजर नहीं आए। इसके बाद पुलिस ने उस रास्ते और आसपास के जलभराव वाले हिस्सों पर फोकस किया, जहां से दोनों के गुजरने की आशंका थी। जांच आगे बढ़ी तो बाढ़ के पानी में कार बहने की आशंका मजबूत हुई और पांडु नहर में सर्च ऑपरेशन शुरू कराया गया।

नहर में मिली कार, लेकिन दोनों युवक गायब; परिजनों का बढ़ता गया आक्रोश

8 सितंबर को बचऊपुर गांव के पास पांडु नहर के पुल के आसपास कार मिलने की सूचना से पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टाटा पंच कार पानी में फंसी मिली। पुलिस ने कार को बाहर निकलवाया, लेकिन उसमें दोनों युवक नहीं थे। कार मिलने के बाद परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई। बड़ी संख्या में परिवार के लोग और ग्रामीण नहर किनारे पहुंच गए। उन्हें उम्मीद थी कि शायद दोनों युवक किसी तरह कार से निकलकर सुरक्षित जगह पर पहुंचे हों, लेकिन काफी तलाश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिली। जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिजनों का धैर्य जवाब देने लगा और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना पर एसीपी पनकी अमित चौरसिया, सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा, एसडीएम अभिनव सिंह और तहसील स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाया और गोताखोरों की टीम को बुलाकर नहर में सघन तलाश शुरू कराई। बाढ़ का पानी और तेज बहाव रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था, बावजूद इसके गोताखोर लगातार नहर में संभावित स्थानों पर तलाश करते रहे।

करीब 24 घंटे बाद कार से 200 मीटर दूर मिले दोनों शव

करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद 8 सितंबर को दोनों युवकों के शव बरामद किए गए। गोताखोरों ने नहर के अंदर सघन तलाश की तो कार से करीब 200 मीटर दूर दोनों के शव मिले। शव बाहर आते ही घटनास्थल पर मौजूद परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई। जिस परिवार को दोनों युवकों के सकुशल लौटने की उम्मीद थी, उसके सामने अचानक उनके शव थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद क्रेन की मदद से कार को भी पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस अब हादसे की पूरी परिस्थितियों को जोड़ने में जुटी है कि कार किस बिंदु पर तेज बहाव में बही, दोनों युवक कार से कब और किस तरह बाहर निकले और पानी का बहाव उन्हें करीब 200 मीटर दूर तक कैसे ले गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

दीपक के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता बोले- बेटे के साथ सपने भी चूर हो गए

दीपक पाण्डेय निजी कंपनी में काम करते थे और परिवार में उनके पिता राकेश पाण्डेय, पत्नी सृष्टि और एक साल की बेटी प्रियांशी है। परिजनों के मुताबिक, 7 सितंबर की रात दीपक किसी काम से जाने की बात कहकर घर से निकले थे। पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। परिवार रातभर उनके लौटने का इंतजार करता रहा। 8 सितंबर को गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद भी परिजनों को उम्मीद थी कि दीपक और अंकित किसी तरह वापस लौट आएंगे। लेकिन देर रात तक चली तलाश के बाद जब नहर से दोनों के शव बरामद हुए तो परिवार पूरी तरह टूट गया। दीपक का शव देखकर उनके पिता राकेश पाण्डेय का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने कहा, “बेटे के साथ हमारे सारे सपने भी चूर हो गए।” परिवार के लोगों की आंखों के सामने दीपक की एक साल की बेटी प्रियांशी का चेहरा था। मासूम बेटी को देखकर परिजनों का दर्द और बढ़ गया। दूसरी ओर अंकित के परिवार में भी मातम पसरा हुआ है।

बाढ़ के पानी में डूबी सड़क बनी हादसे की वजह, पुलिस और प्रशासन जांच में जुटा

प्रारंभिक जानकारी में हादसे की वजह बाढ़ के पानी में डूबी सड़क पर कार का तेज बहाव की चपेट में आना सामने आ रहा है। पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण क्षेत्र में पहले से जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस और प्रशासन की टीम यह भी जांच कर रही है कि जिस रास्ते से दोनों युवक जा रहे थे, उस समय वहां पानी की गहराई और बहाव की स्थिति क्या थी और क्या रास्ते पर आवागमन को लेकर कोई चेतावनी या रोक लगाई गई थी। घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि हादसे से पहले और बाद की पूरी गतिविधि सामने आ सके। एसडीएम अभिनव सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और पुलिस व प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पांडु नहर में बाढ़ के पानी के बीच हुए इस हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

(रिपोर्ट - अनुराग श्रीवास्तव)

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