उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में इलाहाबाद हाईकोर्ट के हुक्का सेवा को लेकर दिए गए आदेश के बाद कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में हुक्का बार और रेस्टोरेंट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। 30 सितंबर को पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाते हुए संदिग्ध रेस्टोरेंट और हुक्का बारों पर छापेमारी की। पुलिस टीमों के अचानक पहुंचने से प्रतिष्ठान संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के निर्देश पर थाना स्तर पर गठित पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर पहुंचकर वहां चल रही गतिविधियों की जांच की। टीमों ने कर्मचारियों और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ ही हुक्का और उससे जुड़े सामान की भी तलाश की। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर काफी देर तक जांच-पड़ताल चलती रही।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी पुलिस की सक्रियता
30 सितंबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का सेवा को लेकर पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में कानपुर पुलिस ने उन रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में लिया, जहां हुक्का परोसे जाने की शिकायतें या जानकारी सामने आई थी। पुलिस टीमों ने संबंधित प्रतिष्ठानों में पहुंचकर हुक्का सेवा से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। साथ ही यह भी देखा गया कि वहां हुक्का उपलब्ध कराया जा रहा था या नहीं और यदि ऐसा किया जा रहा था तो किस तरीके से किया जा रहा था।
हुक्का, चिलम, पाइप और फ्लेवर की तलाश
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई प्रतिष्ठानों में हुक्का, चिलम, पाइप, फ्लेवर और उससे संबंधित अन्य सामान की जांच की। पुलिस के मुताबिक कुछ स्थानों से हुक्का और अन्य सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बरामद सामान को कब्जे में लेकर पुलिस उसकी जांच कर रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि संबंधित प्रतिष्ठानों में हुक्का सेवा कब से चल रही थी और इसके संचालन में किन लोगों की भूमिका थी। प्रतिष्ठानों से जुड़े दस्तावेज और आवश्यक अनुमतियों की भी जांच की जा रही है।
कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों से लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस इन लोगों से प्रतिष्ठान के संचालन, हुक्का सेवा और बरामद सामान के संबंध में जानकारी जुटा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए जाने का मतलब किसी व्यक्ति का दोषी होना नहीं है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुक्का बारों पर हो चुकी है कार्रवाई
कानपुर में हुक्का बारों को लेकर पुलिस की कार्रवाई पहले भी सामने आती रही है। सितंबर 2026 में स्वरूप नगर और बर्रा क्षेत्र में पुलिस ने रेस्टोरेंट की आड़ में कथित तौर पर संचालित हुक्का बारों पर कार्रवाई की थी। उस दौरान हुक्का, चिलम, पाइप और फ्लेवर्ड तंबाकू समेत अन्य सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई थी। इसके अलावा अप्रैल 2026 में भी बर्रा और हनुमंत विहार क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने उस दौरान हुक्का से संबंधित सामग्री बरामद करने और कुछ लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी।
नियमों का उल्लंघन मिला तो होगी कार्रवाई
कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि शहर में लागू कानून और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस की नजर उन रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य प्रतिष्ठानों पर है, जहां हुक्का परोसे जाने की शिकायतें मिल रही हैं या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आ रही है। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस टीमों को भी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ऐसे स्थानों पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद कानपुर में हुक्का बारों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुई छापेमारी के बाद बरामद सामग्री और हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन प्रतिष्ठानों के खिलाफ किस कानूनी प्रावधान के तहत कार्रवाई की जाएगी।
(रिपोर्ट - अनुराग श्रीवास्तव)
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