उत्तर प्रदेश में में स्मार्ट/प्रीपेड मीटर को लेकर उठे विवाद के बीच ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्ट-पेड की तरह काम करेंगे। प्रीपेड व्यवस्था खत्म की जा रही है। उपभोक्ताओं को फिर से मासिक बिल मिलेगा, बकाया किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी जाएगी।
संबंधित विभाग को दिए गए निर्देश
मंत्री द्वारा संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में एक महीने के भीतर बिजली न काटी जाए। शिकायतों का प्राथमिकता पर निस्तारण हो। मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर का जबरदस्त विरोध हो रहा था।
प्रीपेड मीटर को लेकर लोग थे परेशान
योगी सरकार के इस फैसले से उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी जो प्रीपेड मीटर में रिचार्ज की अनिवार्यता को लेकर परेशान थे। अब किसी भी बिलिंग विवाद या तकनीकी समस्या की स्थिति में बिजली सप्लाई प्रभावित नहीं होगी और उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार बाद में भुगतान कर सकेंगे।
हेल्पलाइन नंबर भी जारी
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन पर वॉट्सएप या SMS के जरिए बिजली बिल की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही किसी भी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग बिजली वितरण कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
- पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड - +91 8010968292
- मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड - +91 7669003409
- पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड - +91 7459804803
- दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड - +91 8010957826
- केस्को विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड - +91 8287835231
- साथ ही 1912 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
कई जिलों में लगाए जाएंगे कैंप
सरकार ने कई जिलों में विशेष उपभोक्ता कैंप लगाने का भी ऐलान किया है, जहां स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं के यहां पहले से प्रीपेड मीटर लगे हैं, उन्हें भी पोस्टपेड सिस्टम में बदला जाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी और बिजली बिल भुगतान प्रणाली पहले से अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी।