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60 साल की बहन ने दी 55 साल के भाई को मुखाग्नि, रक्षाबंधन से पहले बनीं मिसाल, परिवार में पुरुष नहीं थे तो उठाई जिम्मेदारी

 Written By: Shakti Singh
 Published : Aug 14, 2026 08:08 am IST,  Updated : Aug 14, 2026 08:08 am IST

मृतक लालू पटवा के परिवार में कोई पुरुष नहीं था। ऐसे में उनकी मौत के बाद बड़ी बहन ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने भाई को मुखाग्नि दी और विधिवत अंतिम संस्कार किया।

Vimla Devi- India TV Hindi
भाई को मुखाग्नि देतीं विमला देवी Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के सीतापुर के महमूदाबाद से एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बीमारी के चलते एक 55 वर्षीय युवक की मौत के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं था, तो उसकी 60 वर्षीय बहन ने आगे बढ़कर भाई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली। बहन ने समाज की परंपराओं की परवाह किए बिना अपने भाई को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। 

मामला महमूदाबाद नगर के कुरैशी मार्ग का है, जहां रहने वाले 55 वर्षीय लालू पटवा की बीमारी के चलते मौत हो गई। लालू पटवा अपने परिवार में इकलौते पुरुष सदस्य थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आखिर उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। 

अकेले रहते थे मृतक लालू

बताया जा रहा है कि लालू पटवा की पत्नी कुछ वर्ष पहले उन्हें छोड़कर चली गई थीं। इसके बाद वह अकेले ही अपना जीवन गुजार रहे थे। लालू पटवा संकटा देवी मंदिर में दुकान चलाकर अपना जीवन यापन करते थे। बीमारी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी और आखिरकार उनका निधन हो गया। भाई की मौत की खबर मिलते ही उनकी 60 वर्षीय बहन विमला देवी ने जिम्मेदारी संभाली। घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं होने के बावजूद विमला देवी ने अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां निभाईं। वह भाई के शव को लेकर रमुआपुर स्थित मुक्तिधाम पहुंचीं और पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया।

बड़ी बहन ने दी मुखाग्नि

सबसे भावुक पल उस समय आया, जब बहन विमला देवी ने अपने भाई को मुखाग्नि दी। आमतौर पर अंतिम संस्कार में पुरुष सदस्य द्वारा मुखाग्नि देने की परंपरा रही है, लेकिन यहां बहन ने आगे बढ़कर भाई को अंतिम विदाई दी। इस दौरान मुक्तिधाम में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। विमला देवी ने यह साबित किया कि भाई-बहन का रिश्ता सिर्फ जीवन के सुख-दुख तक सीमित नहीं होता, बल्कि आखिरी सफर तक साथ निभाने का नाम भी है। भाई की मौत के बाद बहन ने जिस हिम्मत के साथ अंतिम संस्कार का फर्ज निभाया, उसकी मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की।

मिसाल बनीं विमला देवी

अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत लालू पटवा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त बहन विमला देवी के प्रति संवेदना जताई। भाई को मुखाग्नि देती बहन की तस्वीर और यह भावुक दृश्य इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। मौत के बाद अपनों को अंतिम विदाई देना हर परिवार के लिए बेहद भावुक पल होता है। महमूदाबाद में विमला देवी ने अपने भाई के अंतिम सफर में जिस तरह साथ निभाया, वह रिश्ते की गहराई और बहन के साहस की मिसाल बन गया।

(सीतापुर से मोहित मिश्र की रिपोर्ट)

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