यदि आप सिगरेट पीने के आदी है तो हो सावधान जायें। क्योंकि उत्तर प्रदेश के मेरठ में बड़े ब्रांड की नकली सिगरेट बनाने की फैक्टरी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के दूधली खादर में सरकारी गौशाला के पुराने स्कूल के निकट एक भवन मे नकली सिगरेट फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की छापेमारी में मौके से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की तैयार नकली सिगरेट, इतनी ही कीमत का कच्चा माल और सिगरेट बनाने वाली मशीनें बरामद की गई हैं। इस अवैध फैक्टरी में देश की प्रमुख सिगरेट कंपनी आईटीसी के नाम से विभिन्न ब्रांड की नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। एसपी ग्रामीण के मुताबिक फैक्टरी संचालक रवि किशोर और उसके साथियों को हिरासत में लिया गया है। नकली सिगरेट बनाने वाला रवि किशोय दिल्ली निवासी है।
कंपनी की सूचना के बाद रेड
यह रेड आईटीसी सिगरेट कंपनी के मैनेजर रेशू मिश्रा की सूचना पर पुलिस ने की है। कंपनी की टीम ने पुलिस को बताया कि हस्तिनापुर से 8 किलोमीटर दूर खादर क्षेत्र में नकली सिगरेट सड़े पैमाने पर बनाई जा रही है, इस सूचना पर पुलिस ने छापा मारते हुए फैक्टरी के अंदर से चार कर्मचारी को मौके पर काम करते हुए पकड़ा है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि रात के मुकाबले दिन में यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते थे। पुलिस अब फैक्टरी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

इन ब्रांड की बन रही थीं नकली सिगरेट
फैक्टरी के अंदर गोल्ड फ्लेक, क्लासिक, विल्स नेवी कट, इंडिया किंग्स, इंसिग्निया, सैसर्स, प्लैयर्स और ब्रिस्टल ब्रांड के नाम से सिगरेट तैयार की जा रही थीं। जांच में पता चला कि सिगरेट निर्माण के लिए कच्चा माल कंबोडिया से, जबकि तंबाकू राजस्थान से मंगाया जाता था। तैयार सिगरेट की सप्लाई उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली तक की जा रही थी।

छह महीने से चल रहा था कारोबार
पुलिस पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आ रही है कि दिल्ली का रहने वाला रवि किशोर तकरीबन पिछले छह माह से दूधली खादर स्थित पुराने स्कूल भवन के पास इस फैक्टरी का संचालन कर रहा था। हैरत की बात है कि सरकारी गौशाला के पास स्थित भवन में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट तैयार करके यूपी समेत अन्य राज्यों में खपाई जा रही थी, लेकिन पुलिस को भनक तक भी नही लगी। सिगरेट निर्माता कम्पनी की शिकायत पर रेड हुई तो सबकी आंखें खुली रह गई। इस छापे के दौरान बरामद मशीनों और कच्चे माल से फैक्टरी में बड़े स्तर पर उत्पादन किए जाने के जानकारी सामने आई हैं।

पुलिस कर रही सिंडिकेट की जांच
पुलिस ने बरामद माल की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी है। वहीं इस फैक्टरी के संचालन, कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार सिगरेट की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में कौन-कौन जुड़ा है, उसकी जांच शुरू कर दी है। साथ ही इस सिंडिकेट के तार कहां तक फैले हुए है उसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस हिरासत में रवि किशोर को लेकर पूछताछ कर रही है।
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