मथुरा: यूपी के मथुरा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपनी बेटी और उसके प्रेमी के साथ मिलकर अपने पत्नी की हत्या कर दी। उन्होंने पहले मृतक को नशीली दवा पिलाकर बेहोश किया और फिर पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों ने शव को जंगल में ले जाकर जलाया और फिर बची हुई राख को जंगल में ही दफना दिया। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल अभी तक मृतक के अवशेष बरामद नहीं किए जा सके हैं।
पत्थर से सिर कुचलकर की हत्या
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यहां एक महिला ने अपनी बेटी और बेटी के बॉयफ्रेंड की मदद से पति को नशीली दवा देकर बेहोश किया और फिर पत्थर से उसका सिर कुचलकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने यमुना नदी के किनारे एक जंगल वाले इलाके में शव को ठिकाने लगा दिया था और पिछले तीन दिनों से लगातार तलाशी के बावजूद पुलिस को अभी तक शव नहीं मिला है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने कहा कि तीनों आरोपियों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और गुरुवार रात से ही शव की तलाश जारी है।
जंगल में जलाया शव
गोविंद नगर पुलिस स्टेशन के SHO अजय वर्मा के अनुसार, जयसिंहपुरा की राधा-कृष्ण वाटिका के निवासी रामबाबू से एक औपचारिक शिकायत मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके छोटे भाई मनोज सोनी (42) की हत्या उनकी पत्नी नैना (40), उनकी छोटी बेटी भक्ति (जिसकी उम्र नहीं बताई गई है) और भक्ति के कथित प्रेमी विमल चौधरी (22) ने कर दी है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने परिवार के सदस्यों के सामने कबूल किया कि उन्होंने यमुना के किनारे अक्रूर गांव के पास जंगल में शव को जला दिया था और बाद में बची हुई राख को वहीं दफन कर दिया था।
बेटी को प्रेमी के साथ देखने पर जताई थी आपत्ति
शिकायतकर्ता के अनुसार, मनोज ने एक बार अपनी बेटी को उसके कथित प्रेमी के साथ देखा था और इस रिश्ते पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इस मुद्दे पर अपनी पत्नी के साथ झगड़े के बाद वह घर छोड़कर चले गए थे। पुलिस ने बताया कि मनोज के 18 अप्रैल को लापता होने के बाद, नैना ने पहले 21 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन अगले दिन बिना कोई कारण बताए आवेदन वापस ले लिया। हालांकि, तीन सप्ताह बाद भी मनोज का कोई पता न चलने पर, उसके बड़े भाई राम बाबू ने 9 मई को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
तीनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
जब पुलिस को लंबे समय बाद भी कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। एसपी के आदेश पर 11 जुलाई को शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने बताया कि मनोज के अवशेषों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। पिछले तीन दिनों से जंगल में विभिन्न स्थानों पर खुदाई करने के बावजूद, शव नहीं मिला है, क्योंकि आरोपी उस सटीक स्थान की पहचान करने में विफल रहे हैं जहां उन्होंने अवशेषों को दफनाया था। इसके अलावा, लगातार बारिश ने अभियान को और भी मुश्किल बना दिया है।
मृतक के अवशेष तलाश रही पुलिस
राम बाबू ने बताया कि नैना अपनी बेटी को लेकर हाथरस स्थित अपने मायके गई है। नैना के पिता ब्रजमोहन ने देखा कि उसके पति के लापता होने पर नैना में कोई चिंता नहीं थी। उन्होंने उससे सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद नैना ने अपने पति की हत्या करने की बात कबूल कर ली। नैना ने बताया कि उसने अपने पति को बेहोशी की दवा मिला हुआ दूध पिलाया था। जब वह बेहोश हो गया, तो उसने अपनी बेटी और प्रेमी की मदद से पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। वे शव को जंगल में ले गए और जला दिया। बाद में उन्होंने उसके अवशेषों को वहीं दफना दिया।
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