Viral Video : आजकल नैनी या चाइल्डकेयर विशेषज्ञों का चलन वर्किंग प्रोफेशनल माता-पिता की बढ़ती संख्या, संयुक्त परिवारों के टूटने और बच्चों की परवरिश में विशेषज्ञता की आवश्यकता के कारण बढ़ा है। यह सेवा व्यस्त कामकाजी जोड़ों को कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने और बच्चों की पेशेवर देखभाल सुनिश्चित करने की सुविधा देती है, जो आज के समय में अनिवार्य हो गई है। इसी चलन के तहम बेंगलुरु की एक मां ने अपने तीन और चार साल के दो छोटे बेटों की देखभाल के लिए नैनी की नियुक्ति की है। महिला ने उनको दी जाने वाली फीस का खुलासा करके सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। इंस्टाग्राम पोस्ट में परवीन चौधरी ने कहा कि उनके लिए नैनी सिर्फ एक लेन-देन नहीं बल्कि उनके परिवार का एक हिस्सा हैं।
इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल
इस पोस्ट को इंस्टाग्राम पर @parveen.cyclebreake नामक हैंडल से शेयर किया गया है। पोस्ट में बताया है कि उन्होंने दो नैनी रखी हैं। एक मुख्य नैनी 32,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं और वह प्रतिदिन 11 घंटे काम करती है। दूसरी नैनी को 14,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं। नैनी खाना पकाने, सफाई और बच्चों की देखभाल का काम संभालती हैं, जिससे परवीन को काम करने, घूमने-फिरने और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने का समय मिल जाता है। कुल मिलाकर, उनका खर्च 46,000 रुपये है। इस पोस्ट ने पालन-पोषण संबंधी विकल्पों, विशेषाधिकार और काम और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाने की चुनौतियों पर चर्चा को जन्म दिया है।
पोस्ट के कैप्शन में लिखी से बातें
महिला ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा है कि, 'मैं अपने बच्चों की देखभाल के लिए दो प्यारी चाचियों को रख रही हूं। मेरे लिए ईमानदारी और भरोसा बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए जब मुझे सही लोग मिलते हैं तो मैं उन पर भरोसा करती हूं और कभी भी उनके काम में दखल नहीं देती। बदले में मेरी घरेलू सहायिकाओं ने हमेशा मेरी कल्पना से कहीं अधिक दिया है। उन्होंने मुझे काम करने, यात्रा करने और अपने बच्चों की देखभाल करने में सक्षम बनाया है, यहां तक कि तब भी जब मैं खुद इसमें असमर्थ रही हूं।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस पोस्ट को देखने के बाद कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने घरेलू कामगारों के प्रति परवीन की पारदर्शिता और सम्मानजनक दृष्टिकोण की प्रशंसा की, जबकि अन्य ने उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त बताया। एक यूजर ने लिखा, "पालन-पोषण का जिम्मा किसी और को सौंपना सबसे बुरा काम हो सकता है।" दूसरे ने लिखा कि, "मुझे यह बहुत पसंद आया। आपने बिल्कुल सही कहा है। मेरे पास भी एक नैनी है जो आपकी पहली नैनी की तरह ही काम करती है। फिर भी मुझे अपने छोटे बच्चे की देखभाल में थोड़ी परेशानी होती है। लेकिन उसका साथ होना मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत बड़ा आशीर्वाद है। आपको ढेर सारी शुभकामनाएं।" तीसरे ने लिखा कि, 'अगर यह आपके लिए कारगर है तो अच्छी बात है। व्यक्तिगत रूप से, मैं अपने बच्चे को किसी और को सौंपने के लिए तैयार नहीं हूं। मेरे पास अपने बच्चे को देने के लिए बहुत कुछ है और कोई भी आया या काम उन कौशल, चरित्र, ज्ञान और आध्यात्मिक आधार की जगह नहीं ले सकता जो मैं व्यक्तिगत रूप से अपने बच्चे को दे सकती हूं। लेकिन यह पूरी तरह से व्यक्तिगत मामला है।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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