बिहार के छपरा में AEDO परीक्षा में हाईटेक चोरी का प्रयास करते हुए एक परीक्षार्थी को पकड़ा गया है। जांच के दौरान आरोपी के पास से हवाई चप्पल में ब्लूटूथ और पेन में माइक्रोफोन बरामद किया गया है। परीक्षा देने आया आरोपी परीक्षार्थी फ्रिस्किंग के दौरान पकड़ा गया है। पुलिस ने इस घटना को लेकर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। आइए जानते हैं कि इस मामले के बारे में अब तक क्या जानकारी सामने आई है।
क्या है पूरा मामला?
सारण जिले के छपरा में आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (Assistant Education Development Officer) की तीसरे चरण की परीक्षा के दौरान एक हाईटेक नकलची को पकड़े जाने का मामला सामने आया है। यह घटना छपरा स्थित साधुलाल पृथ्वी चंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र की है, जहां कड़ी जांच के बीच यह कार्रवाई की गई।
मिली जनकारी ने अनुसार, आज 20 अप्रैल को आयोजित प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान केंद्र पर अभ्यर्थियों की सघन फ्रिस्किंग की जा रही थी। इसी दौरान एक अभ्यर्थी रोहित कुमार, जो कि सिवान जिले के बसंतपुर के बगहा, बैजुबरहोगा गांव का निवासी है, संदेह के घेरे में आया। जब उसकी जांच की गई तो उसके पास से अत्याधुनिक ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुआ।
नकल की पूरी व्यवस्था छिपा रखी थी
जांच में पता चला है कि अभ्यर्थी ने बेहद चालाकी से नकल की पूरी व्यवस्था छिपा रखी थी। उसने अपने हवाई चप्पल में ब्लूटूथ डिवाइस फिट कर रखा था, जबकि उसके पेन में माइक्रोफोन लगाया गया था। इस तकनीक के जरिए वह परीक्षा के दौरान बाहर से मदद लेने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, सतर्क जांच टीम की वजह से उसकी योजना सफल नहीं हो सकी।
परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया और मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। इसके बाद उसे नगर थाना छपरा पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे जेल भेजा जा रहा है।
परीक्षा केंद्रों पर सख्ती के निर्देश
इस घटना के बाद प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि कुछ अभ्यर्थी सफलता पाने के लिए किस हद तक तकनीक का गलत इस्तेमाल करने को तैयार हैं। वहीं, प्रशासन की सतर्कता से ऐसे प्रयासों पर लगाम लगाई जा रही है। (रिपोर्ट: बिपिन श्रीवास्तव)