सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट ने हजारों लोगों को अपनी कॉलेज डेज की यादों में डुबो दिया है। एक्स (पूर्व ट्विटर) यूजर सुंदरदीप ने अपने कॉलेज जीवन को याद करते हुए लिखा कि जब उनके पिता उनकी कॉलेज फीस भरते थे, तब के दिन उनके जीवन के सबसे अच्छे दिन थे। उन्होंने कहा कि 20 साल की उम्र के बाद जीवन दुखी हो गया और पैसे से वह सुकून नहीं मिलता जो पिता के सहारे मिलता था।
एक्स पोस्ट हो रही वायरल
इस पोस्ट को एक्स पर @volklub नामक हैंडल से शेयर किया गया है। 2 अक्टूबर 2026 को पोस्ट की गई यह पोस्ट कुछ ही दिनों में वायरल हो गई। इसमें सुंदरदीप ने विस्तार से अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने लिखा, “जब पापा मेरी कॉलेज की फीस भरते थे, वो मेरे सबसे अच्छे दिन थे। मैं म्यूजिक का आनंद लेता था, बढ़िया प्लेलिस्ट सुनता था, हॉस्टल में मेरा ऐसा ही रुतबा था कि सिर्फ 63% अंकों के साथ मेरा ही एडमिशन हो गया। मैं और मेरा भाई डीवीडी प्लेयर पर भगवंत मान और भोट्टू शाह की कॉमेडी सुनते थे। 20 साल की उम्र के बाद पता ही नहीं चला कि कब मैं 39 साल का हो गया, लेकिन 20 साल के बाद से जिंदगी दुख भरी ही रही है। पैसा खुशी नहीं दे सकता और न ही वो सुकून दे सकता है कि पापा आपको खाना खिला रहे हैं।”
कॉलेज दिनों की छोटी चीजें बन गईं सुंदर स्मृतियां
पोस्ट में उन्होंने कॉलेज के उन दिनों का जिक्र किया जब जिम्मेदारियों का बोझ नहीं था। म्यूजिक सुनना, एलिट प्लेलिस्ट का आनंद लेना, होस्टल में अपनी छवि बनाना—ये सब उनके लिए अनमोल थे। सिर्फ 63 प्रतिशत एग्रीगेट स्कोर के बावजूद प्लेसमेंट हासिल करने का जिक्र करते हुए उन्होंने गर्व जताया। भाई के साथ डीवीडी प्लेयर पर भगवंत मान और भोट्टू शाह की कॉमेडी सुनने की याद भी उन्होंने साझा की। ये छोटी-छोटी चीजें अब उनके लिए बहुत खास लग रही हैं।
सबसे खूबसूरत बात
सबसे मार्मिक हिस्सा था उम्र और जीवन की तुलना। सुंदरदीप ने बताया कि 20 के बाद उन्हें पता ही नहीं चला कि कब वे 39 साल के हो गए। उनके अनुसार, उसके बाद का जीवन दुखी रहा। उन्होंने जोर दिया कि पैसा खुशी नहीं ला सकता। पिता का सहारा और यह जानना कि वे खाने-पीने का इंतजाम करेंगे, वह सुकून देता है जो बाद में मिलना मुश्किल हो जाता है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'ऐश बाप के पैसों पर ही होती है। चाहे आप कितने भी सफल और अमीर क्यों न हो जाएं। कॉलेज के दिनों में मैं अब की तुलना में ज़्यादा महंगे ब्रांडेड कपड़े पहनता था।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, '90 का दशक और 2000 के दशक की शुरुआत हम सब की पीढ़ी के लिए सबसे बेहतरीन दौर था। चारों ओर खुशियों का माहौल था, हर कोई पैसों की कमी के बिना भी खुश था। 2007 के बाद कुछ बदल गया। पता नहीं क्या, लेकिन बदल गया।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'भाई, आपको ऐसे सुखी माता-पिता और परिवार का साथ पाकर आपने जीवन में सफलता प्राप्त कर ली है।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'सच में, पहली नौकरी में 12 हज़ार मिलते थे। लेकिन वो 12 हज़ार भी बहुत ज़्यादा लगते थे। अब लाखों में कमा रहा हूँ, फिर भी वो काफ़ी नहीं लगते।।'
पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'अगर आपको लगता है कि आपको पता ही नहीं चला कि आप कब 20 से 39 साल के हो गए, तो ज़रा उस आदमी के बारे में सोचिए जो आपके जन्म के समय मात्र 24 साल का था। उसने और आपकी माँ ने आपको और आपके भाई को पालने-पोसने में तमाम मुश्किलों का सामना किया। ज़रा सोचिए उन्होंने कैसा जीवन जिया होगा। उनका मकसद आपको सफल देखना था, और आज आप उस मुकाम पर हैं।'
गौरतलब है कि, इससे पहले एक बेटे द्वारा पिता को पहली कमाई से दिए गए सरप्राइज का वीडियो वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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