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इसे कहते हैं डेडिकेशन! कैब ड्राइवर को ChatGPT से इंग्लिश सीखते देख शख्स हुआ इंप्रेस, पोस्ट में लिखी ये बात

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Aug 14, 2026 11:51 am IST,  Updated : Aug 14, 2026 11:51 am IST

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में लिंक्डइन यूजर ने ChatGPT से इंग्लिश सीखते कैब ड्राइवर की तारीफ की है।

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शख्स की पोस्ट वायरल। Image Source : LINKEDIN/@TUSHAR_JEJANI

राजधानी की व्यस्त जिंदगी में एक आम कैब ड्राइवर की मेहनत और जिजीविषा ने एक यात्री को गहराई से इंप्रेस कर दिया। पिछले दिनों जब तुषार जेजानी नामक यूजर ने सुबह करीब 4 बजे अपने कैब ड्राइवर को मोबाइल पर ChatGPT की मदद से अंग्रेजी सीखते देखा, तो वे काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, 'वह चुपचाप कोशिश कर रहा था। कोई शोर नहीं, कोई शिकायत नहीं, बस सीखने की ललक।' अब ये पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। 

लिंक्डइन पर शेयर की पोस्ट 

इस पोस्ट को लिंक्डइन पर @Tushar_Jejani नामक यूजर ने शेयर किया है। तुषार के अनुसार, ड्राइवर नई दिल्ली की लगभग खाली सड़कों पर गाड़ी चलाते समय अपने फोन पर अंग्रेजी में बात कर रहा था। वह अपनी सुबह की दिनचर्या और सवारी के स्थान के बारे में बता रहा था, जिससे जेजानी को शुरू में असहजता महसूस हुई। वे लिखते हैं कि, 'मैं थोड़ा डर गया और अधिक ध्यान से सुनने लगा क्योंकि एक पल के लिए मुझे लगा कि वह हमारी लोकेशन और डिटेल्स किसी और के साथ शेयर कर रहा है।' उन्होंने आगे बताया कि ड्राइवर ने देखा कि वह असहज महसूस कर रहा है और उसने उससे बातचीत शुरू कर दी। ड्राइवर ने पूछा कि, "सर, आप कहाँ जा रहे हैं?" इस पर वे बोले कि, "मैं बैंगलोर जा रहा हूं।" फिर ड्राइवर ने पूछा कि यात्रा काम के लिए है या निजी कारणों से। तुषार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "हमेशा काम के लिए।" दोनों लगभग दस मिनट तक बात करते रहे, ड्राइवर अंग्रेजी में बोल रहा था और तुषार हिन्दी में जवाब दे रहा था। जब तुषार ने ड्राइवर से पूछा कि वह फोन पर किससे बात कर रहा था, तब उसे ड्राइवर के अंग्रेजी में बात करने का कारण पता चला।  

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Image Source : LINKEDIN/@TUSHAR_JEJANIलिंक्डइन पर शेयर की गई पोस्ट।

बेटी के लिए ड्राइवर सीख रहा इंग्लिश 

ड्राइवर ने शख्स से कहा, 'नहीं भैया, फोन पर नहीं। मैं अंग्रेजी बोलने की प्रैक्टिस कर रहा था चैटजीपीटी पर।' ड्राइवर ने कहा कि वह अभी भी धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलने पर काम कर रहा है और इसे सीखने के लिए उसके पास एक और प्रेरणा है। उन्होंने कहा, 'मेरी अभी बेटी हुई है। उसके लिए सीख रहा हूं। जब बड़ी होगी, उसको भी सिखाउंगा।' उस बातचीत पर विचार करते हुए, शख्स ने लिखा कि, "सुबह 5 बजे उस लगभग सुनसान सड़क पर, मुझे यह बात समझ में आई। वह सिर्फ अंग्रेजी नहीं सीख रहा था। वह चुपचाप अपनी बेटी के लिए जीवन में एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहा था।" 

AI की भी की तारीफ 

शख्स ने इस बात पर भी विचार व्यक्त किया कि AI किस प्रकार सीखने के उपकरणों को अधिक सुलभ बना रही है, और लिखा कि AI "भारतीय समाज के सभी वर्गों में सभी को प्रौद्योगिकी तक पहुंच प्रदान करता है।" उन्होंने लिखा, "कोई कोचिंग क्लास नहीं। कोई नियंत्रक नहीं। केवल इरादा और एआई से लैस एक स्मार्टफोन। पिछले साल की एक राइड पर विचार कर रहा हूं, और तब से एआई कैसे विकसित हुआ है। क्या शानदार सफर था। क्या सबक मिला। सीखो, सीखते रहो और सीखते रहो!!" 

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं 

इस पोस्ट के बाद से AI के प्रभाव और चैटजीपीटी जैसे टूल पारंपरिक कक्षाओं के बाहर लोगों को कौशल सीखने में कैसे मदद कर सकते हैं, इस पर एक चर्चा छिड़ गई है। एक यूजर ने लिखा, "एआई का सबसे बड़ा प्रभाव शायद नौकरियों को खत्म करना नहीं होगा, बल्कि उन बाधाओं को दूर करना होगा जो कभी महत्वाकांक्षा को अवसर में बदलने से रोकती थीं।" 

दूसरे ने लिखा कि, "ड्राइवर की कहानी दर्शाती है कि जिज्ञासा, दृढ़ संकल्प और प्रौद्योगिकी तक पहुंच किसी भी व्यक्ति के लिए नए द्वार खोल सकती है, चाहे शुरुआत कहीं से भी हो। सीखने के लिए कक्षा की आवश्यकता नहीं होती; कभी-कभी, इसके लिए केवल एक स्मार्टफोन और निरंतर सुधार करने की इच्छाशक्ति ही काफी होती है।"
तीसरे यूजर ने लिखा कि, "एआई का सबसे बड़ा प्रभाव स्वचालन नहीं हो सकता है, बल्कि आम लोगों को उन उपकरणों तक पहुंच प्रदान करना हो सकता है जो कभी मुश्किल से उपलब्ध थे।" 
चौथे यूजर ने लिखा कि, "सबसे चौंकाने वाली बात एआई नहीं, बल्कि इसके पीछे की मंशा होनी चाहिए। सुबह 5 बजे चैटजीपीटी का इस्तेमाल करके अपनी बेटी के लिए बेहतर शुरुआती लाइन बनाना, इस देश की महत्वाकांक्षा के बारे में दावोस के किसी भी पैनल से कहीं ज्यादा बताता है। पहले पहुंच ही सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी। अब सिर्फ वाई-फाई और दृढ़ संकल्प ही काफी है।"

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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