कोलकाता जा रहे एक यात्री ने यह दावा करके शहरी नियोजन पर एक बहस छेड़ दी है कि बेंगलुरु के एचएसआर लेआउट से शहर के एयरपोर्ट तक की उसकी यात्रा में कोलकाता की उड़ान से अधिक समय लगा। मनीष कुमार सिंह नामक इस व्यक्ति ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह कार से केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जा रहे थे ताकि वहां से कोलकाता जाने वाली फ्लाइट पकड़ सकें। हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब किसी को बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की समस्या करना पड़ा हो, बल्कि इससे पहले भी ऐसे वीडियो सामने आते रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @learning_markets_with_manish नामक हैंडल से शेयर किया गया है। शख्स ने कहा कि, 'मैं इस समय बेंगलुरु में हूं और शहर से हवाई अड्डे के लिए यात्रा कर रहा हूं ताकि कोलकाता के लिए उड़ान भर सकूं। चलिए, मैं आपके साथ एक रोचक बात साझा करना चाहता हूं। आपको यह जानकर शायद हंसी भी आए कि हमारे देश में खराब शहरी नियोजन के कारण लोगों का कितना उत्पादक समय बर्बाद हो जाता है।' उन्होंने दावा किया कि बेंगलुरु शहर से हवाई अड्डे तक की यात्रा में ढाई से तीन घंटे लग सकते हैं, जबकि कोलकाता के लिए उनकी उड़ान में लगभग दो घंटे और 20 मिनट लगेंगे। वे बोले कि, 'दरअसल, एचएसआर लेआउट से बेंगलुरु हवाई अड्डे तक की यात्रा में मुझे जितना समय लगा, उतना समय बेंगलुरु से कोलकाता जाने में भी नहीं लगेगा। अब बताइए, क्या किसी शहर की योजना इस तरह बनाई जानी चाहिए कि हवाई अड्डे तक पहुंचने में इतना समय लग जाए?'
विदेशों की ट्रैफिक व्यवस्था से की तुलना
इस वीडियो में शख्स ने बेंगलुरु की तुलना न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे अंतरराष्ट्रीय महानगरों से करते हुए कहा कि उनके आकार के बावजूद, यात्रियों को हवाई अड्डे तक पहुंचने में आमतौर पर कई घंटे नहीं लगते हैं। उन्होंने कहा, 'हालांकि, अंतर यह है कि उनकी कनेक्टिविटी इतनी कुशल है कि लोग शहर के अधिकांश हिस्सों से 30 से 40 मिनट के भीतर हवाई अड्डे तक पहुंच सकते हैं। यहीं पर हम पिछड़ रहे हैं।'
व्यव्स्थाओं पर उठाए सवाल
उन्होंने तर्क दिया कि, 'कनेक्टिविटी और परिवहन बुनियादी ढांचे की योजना हवाई अड्डे के निर्माण से पहले ही बना लेनी चाहिए, न कि बाद में इस पर विचार किया जाना चाहिए। हम पहले हवाई अड्डा बनाकर फिर यात्रियों के आने-जाने के बारे में नहीं सोच सकते। प्राथमिकता सुचारू यातायात प्रवाह और सुविचारित शहरी नियोजन होनी चाहिए ताकि लोगों का कीमती और उत्पादक समय यात्रा में बर्बाद न हो।' उन्होंने कहा कि, 'हालात इतने हास्यास्पद हो गए हैं कि शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने में जितना समय लगता है, उतने समय में कोई व्यक्ति लगभग 2,000 किलोमीटर दूर हवाई यात्रा कर सकता है। विकास के नाम पर हम आखिर क्या बना रहे हैं? हम किस तरह की शहरी योजना का पालन कर रहे हैं और किस तरह के शहर बना रहे हैं?' इस वीडियो को "हमारी शहरी योजना पूरी तरह से गड़बड़ है... शहर लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं बल्कि और भी बड़ी समस्याएँ पैदा कर रहे हैं" कैप्शन के साथ साझा किया गया था।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स की कई प्रतिक्रियाएं आईं। एक व्यक्ति ने लिखा, 'हां, आप सही कह रहे हैं।'
दूसरे ने लिखा कि, 'मैं आपसे सहमत हूं महोदय।'
तीसरे ने लिखा कि, 'इसके अलावा, आपसे हवाई अड्डे पर दो घंटे पहले पहुंचने की उम्मीद की जाती है। इसका मतलब है कि पूरी यात्रा में लगभग साढ़े चार घंटे लग जाते हैं।'
एक और यूजर ने लिखा कि, 'यह सच है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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